Uttarakhand को खेलों का नया हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड सरकार ने 23 नई खेल अकादमी खोलने और हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा के हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी केवल सुविधाओं के अभाव में अपना सपना अधूरा नहीं छोड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई अकादमी एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट, बैडमिंटन, कबड्डी जैसी लोकप्रिय खेलों के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में संभावनाओं वाले एडवेंचर स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा देंगी। अल्मोड़ा के जीआईसी मैदान में फुटबॉल और हॉकी के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आर्टिफिशियल टर्फ बिछाने की योजना को भी हरी झंडी दे दी गई है, जिससे यहां के खिलाड़ी दिन‑रात आधुनिक सुविधाओं के साथ अभ्यास कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति को खेलों से जोड़कर ही नशे और भटकाव से बचाया जा सकता है, इसलिए सरकार खेल अधोसंरचना को गांव‑गांव तक पहुंचाने के मिशन पर काम कर रही है।
महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां खिलाड़ी के साथ‑साथ खेल प्रबंधन, फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स साइंस और कोचिंग के विशेषज्ञ भी तैयार किए जाएंगे। विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक लैब, इंडोर‑आउटडोर स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रैक, स्विमिंग पूल और हाई‑परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड के खिलाड़ी विदेश जाने के बजाय अपने ही राज्य में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। धामी ने कहा कि प्रदेश की नई खेल नीति के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, सरकारी सेवाओं में खेल कोटा और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड के खिलाड़ी ओलिंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतकर देश का मान बढ़ाएंगे और इस खेल विश्वविद्यालय की पहचान राष्ट्रीय खेल राजधानी के रूप में बनेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट और अनुभवी कोच लियाकत अली को सम्मानित कर युवाओं के लिए प्रेरणा‑स्तंभ के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में सफलता की नई इबारत लिख रही हैं, इसलिए खेलों में भी उन्हें बराबर अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की घोषणा की गई, जहां छात्राओं को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में प्रशिक्षण मिलेगा। धामी ने बताया कि राज्य में 4 प्रतिशत खेल कोटा फिर से लागू कर दिया गया है और खेल रत्न पुरस्कार, मुख्यमंत्री खेल विकास निधि व उदीयमान खिलाड़ी योजना के जरिए प्रतिभावान युवाओं को न सिर्फ सम्मान दिया जा रहा है बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय जिलों में मिनी स्टेडियम, ओपन जिम और बहुद्देश्यीय खेल मैदान बनाकर ग्रामीण प्रतिभाओं को उभरने का मौका दिया जाएगा, ताकि शहर‑गांव का अंतर खत्म हो सके।








