चारधाम यात्रा-2026 को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए इस वर्ष तीर्थयात्रियों से पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। शासन स्तर पर इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है और शुल्क की दर तय करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यात्रा के दौरान धामों में दर्शन के लिए यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, लेकिन पंजीकरण अनिवार्य होगा। होटल एसोसिएशन और अन्य संबंधित पक्षों से भी सुझाव लिए जा रहे हैं।

सरकार का कहना है कि पंजीकरण व्यवस्था को मजबूत करने से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी। निजी वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड की व्यवस्था भी प्रभावी की जाएगी। बताया गया है कि यात्रियों से न्यूनतम 10 रुपये का शुल्क लिया जा सकता है, हालांकि अंतिम निर्णय समिति की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती, ट्रैफिक प्रबंधन और ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली के जरिए इस बार यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाना है।








