दो नवंबर Uttarakhand के लिए ऐतिहासिक रहा। आदि कैलाश में हुई पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन से राज्य के साहसिक पर्यटन को नया आयाम मिला। यह आयोजन ऐसे समय हुआ जब राज्य अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज्य में ही हैं। पूरे देश की निगाहें भी इसी ओर लगी हैं। राज्य के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। खुशी की बात यह है कि उत्तराखंड की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन को जीतने वाली मीनाक्षी उत्तराखंड की ही हैं। उन्होंने गोल्ड जीता है। यह आयोजन उत्तराखंड की साहसिक खेल क्षमता, प्राकृतिक धरोहर और पर्यटन संभावनाओं के नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। 60 किलोमीटर लंबी अल्ट्रा रन आदि कैलाश से प्रारंभ हुई, जिसमें देश के 22 राज्यों से 700 से अधिक धावकों ने भाग लिया। ऊंचाई, कठोर मौसम और चुनौतीपूर्ण हिमालयी ट्रैक के बीच प्रतिभागियों ने अदम्य साहस, धैर्य और फिटनेस का अद्भुत प्रदर्शन किया।

प्रतिभागियों ने उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की जमकर प्रशंसा की। धावकों ने कहा कि आईटीबीपी तथा भारतीय सेना का सहयोग और मार्गदर्शन अतुलनीय रहा, जिसने इस कठिन रूट पर आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाया। प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आदि कैलाश आगमन के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है। प्रधानमंत्री जी के हिमालयी क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से सीमांत क्षेत्र में साहसिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। कार्यक्रम में सचिव पर्यटन, आईटीबीपी अधिकारी श्, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान स्थानीय जनता में भारी उत्साह देखने को मिला और हजारों लोगों ने धावकों का उत्साहवर्धन किया। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर यह आयोजन उत्तराखंड की ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ है, जो राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज़्म और खेल संस्कृति को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। आदि कैलाश जैसे पवित्र और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल से इस साहसिक पहल की शुरुआत को दूरगामी परिणामों वाला कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आदि कैलाश में पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागियों, आयोजनकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है। आदि कैलाश जैसे पवित्र व आध्यात्मिक धाम में आयोजित यह ऐतिहासिक अल्ट्रा रन न केवल साहस और समर्पण की मिसाल है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन और खेल संस्कृति को नई दिशा देगा। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य और असीम संभावनाओं का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन और उनके द्वारा आदि कैलाश में किए गए दर्शन के बाद इस संपूर्ण क्षेत्र में पर्यटन और आध्यात्मिक गतिविधियों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हिमालयी और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
उत्तराखंड की मीनाक्षी ने अल्ट्रा मैराथन में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी शानदार दौड़ और दृढ़ संकल्प ने सभी को प्रेरित किया है। इस उपलब्धि से पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। जीतने के बाद उन्होंने कहा- मैं तो सात हजार फीट की ऊंचाई पर दौड़ती हूं पहली बार लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई पर दौड़ी हूं। जो बहुत कठिन था लेकिन बहुत आंनददायक था। यहां पर दौड़ का आनंद था तो दूसरी तरफ आस्था थी । सामने महादेव का धाम था। दौड़ बहुत कठिन थी । उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के थलीगांव निवासी बेटी मीनाक्षी 120 किमी की दौड़ दौड़ती है परंतु इस ऊचाई पर दौड़ना बहुत बड़ी चुनौती थी। दौड़ का अभ्यास करने वाली मीनाक्षी अभी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही है और दौड़ का अभ्यास करती है। दूसरे स्थान पर रही हिमांचल प्रदेश की तेंजिंग डोल्मा का कहना था कि आदि कैलास में आयोजित अल्ट्रा मैराथन एक अलग तरह की अनुभूति है। वह गत वर्ष लददाख सिल्क रूट प्रतियोगिता में 120 किमी की विजेता रही है।
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