AI IMPACT SUMMIT 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक जगत के दिग्गजों को भारत में निवेश का खुला न्योता दिया। उन्होंने भारत को सस्ता, स्केलेबल और सुरक्षित एआई सॉल्यूशंस का प्राकृतिक केंद्र बताया। समिट के प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि एआई का असली प्रभाव तभी दिखेगा जब देश सहयोग से काम करेंगे। दूसरी ओर रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अगले सात साल में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का बड़ा एलान किया। उन्होंने वादा किया कि जियो की तरह एआई को भी सस्ता बनाएंगे। यह दो दिवसीय समिट बुधवार से शुरू हुआ, जिसमें पीएम मोदी ने राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों से मुलाकात की। बृहस्पतिवार को प्लेनरी सेशन में उन्होंने युवा प्रतिभा की जमकर तारीफ की।
पीएम ने कहा, एआई के वास्तविक प्रभाव को समझने के लिए सही समय पर सही फैसले लेना जरूरी है। भारत भगवान बुद्ध की भूमि है जहां सही समझ से सही कर्म होते हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक सहयोग ने वैक्सीन से लेकर सप्लाई चेन तक सब संभव किया। एआई में भी यही रास्ता अपनाना होगा। पीएम मोदी ने भारत की ताकत रेखांकित की। कहा, हमारे पास डायवर्सिटी, डेमोग्राफी और डेमोक्रेसी है। यहां सफल एआई मॉडल दुनिया कहीं भी काम करेगा। उन्होंने तीन भारतीय कंपनियों के नए एआई मॉडल लॉन्च का जिक्र किया। ये युवाओं की प्रतिभा के प्रमाण हैं। पीएम ने डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया, डिलिवर टू द वर्ल्ड का मंत्र दिया। साथ ही सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर्स पर बने मजबूत इकोसिस्टम का उल्लेख किया। टेक दिग्गजों से निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि भारत मानवता के लिए समाधान देगा।

समिट में भारत के अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी ने भी धमाकेदार घोषणा की। उन्होंने कहा, एआई का स्वर्णिम दौर अभी बाकी है। दुनिया दोराहे पर है। महंगा कंट्रोल्ड एआई या सस्ता सबके लिए। हम जियो की तरह एआई कॉस्ट कम करेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और जियो इस साल से शुरू कर अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश करेंगे। यह निवेश एआई इंफ्रा, क्लाउड और सॉवरेन कंप्यूट पर होगा। अंबानी ने जोर दिया कि एआई राष्ट्र-निर्माण का साधन बनेगा।

भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील मित्तल ने एआई की ताकत बताई। कहा कि हेल्थकेयर, शिक्षा, डीप रिसर्च और मेडिकल साइंस में तेजी आएगी। उनकी कंपनी में एआई ग्राहक सेवाओं, नेटवर्क डिजाइन और मैनेजमेंट को मजबूत कर रहा है। मित्तल ने भविष्यवाणी की कि एआई उद्योगों के कामकाज को बदल देगा।

पीएम ने एआई के दुरुपयोग पर चेतावनी दी। डीपफेक से खुले समाजों में अस्थिरता फैलती है। उन्होंने मानव विजनपेश किया, जिसमें नैतिकता, नीतियां, जवाबदेही और संप्रभुता शामिल हैं। कहा, एआई का लोकतंत्रीकरण जरूरी है ताकि इंसान डेटा पॉइंट न बने। वैश्विक दक्षिण के लिए समावेशी बनाएं। एआई को साझा हित का वैश्विक उपकरण बनाने का संकल्प लिया। खाद्य पैकेटों जैसे लेबल एआई कंटेंट पर लगाने की वकालत की।








