Uttarakhand में जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुखों के लिए हो रहे मतदान में जमकर हंगामा हो रहा है। शाम तक नतीजे सामने आने की उम्मीद है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सुबह 10 बजे से जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अभी गिनती हो रही है। मतदान एकल संक्रमणीय प्रणाली के तहत होगा, जिसमें सभी प्रत्याशियों के लिए प्राथमिकता पर वोट किया जाता है। शीर्ष प्राथमिकता वाले प्रत्याशी को विजेता घोषित किया जाएगा। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर नैनीताल में जमकर हंगामा हो रहा है।
उत्तराखंड में हुए पंचायत चुनाव के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है। कई जिलों में इसे लेकर उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर है और वो किसी भी तरह से ये पद अपने नाम करना चाहते हैं। इसी बीच नैनीताल से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी नेताओं ने पुलिस के साथ मिलकर चार पंचायत सदस्यों का अपहरण कर लिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस समेत 30 से 40 लोगों ने चारों कांग्रेस समर्थक पंचायत सदस्यों के साथ पहले मारपीट की और फिर उन्हें निजी वाहन में उठाकर ले गए। इस मामले को लेकर जमकर बवाल हो रहा है और कांग्रेस नेता हाईकोर्ट तक जाने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव को तुरंत रोक दिया जाना चाहिए।

भारी पुलिसबल के बीच चल रही वोटिंग
उत्तराखंड के तमाम जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए वोटिंग चल रही है। इसके लिए भारी पुलिसबल भी तैनात किया गया है। तमाम बड़े जिलों में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है और किसी भी तरह की हिंसा से निपटने की बात कही गई है। नैनीताल में जिला अध्यक्ष कार्यालय से 100 मीटर परिधि को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
दो चरण में हुए थे पंचायत चुनाव
उत्तराखंड के तमाम जिलों में 24 और 28 जुलाई को दो चरणों में पंचायत चुनाव करवाए गए थे। जिसके नतीजे 31 जुलाई को जारी हुए। इस बार इन चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है, जिसके बाद बीजेपी दूसरे नंबर पर है। चुनाव नतीजों के बाद अब 12 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 89 क्षेत्र पंचायतों में प्रमुख के पदों पर चुनाव हो रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख जिला स्तर पर बड़े पद होते हैं, ऐसे में इन पर तमाम बड़े स्थानीय नेता और बाहुबली मैदान में रहते हैं। उत्तराखंड के राजनीतिक परिवारों के लोग भी इस चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।










