एंजेल चकमा हत्याकांड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में उसके पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात की। इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने परिवार को न्याय और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। छठे आरोपी के नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है, जिसके लिए इनाम घोषित कर तलाश तेज कर दी गई है।
धामी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। मैं व्यक्तिगत रूप से आहत हूं और परिवार के दर्द को समझ सकता हूं। उत्तराखंड सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में कभी ऐसी घटनाओं का माहौल नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसी वारदातों पर जीरो टॉलरेंस अपनाएगी। घटना के बाद धामी ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह खड़ी है। त्रिपुरा सीएम से परिवार की सहायता पर बात करूंगा। उत्तराखंड भी हर मदद करेगा। इसके अलावा सीएम धामी ने कहा कि छात्र के इलाज के दौरान हुए समस्त चिकित्सीय खर्च को उत्तराखंड सरकार वहन करेगी। परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। न्याय सुनिश्चित करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्या है मामला
मृतक छात्र एंजेल चकमा के छोटे भाई माइकल चकमा (21) द्वारा पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह अपने बड़े भाई एंजेल और उसके दो दोस्तों के साथ सेलाकुई के बाजार गए थे। इसी दौरान वहां खड़े कुछ युवकों ने उनसे विवाद शुरू कर दिया। जब एंजेल उन्हें बचाने के लिए आगे आए तो हमलावरों ने उन्हें भी पीटना शुरू कर दिया। उन्हें जमीन पर गिराकर लातों से मारा गया और इसी दौरान एक युवक ने उनके सिर पर हाथ में पहने कड़े से वार किया। जिससे वह बेहोश हो गए। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून अजय सिंह ने साफ किया है कि इसमें किसी तरह की नस्लीय हिंसा की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि सेलाकुई क्षेत्र में दो पक्षों के युवकों के बीच हुई मारपीट की घटना में घायल त्रिपुरा निवासी एंजल चकमा की 26 दिसंबर को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
सियासत तेज, राहुल गांधी ने भी दिया बयान
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा एक्स पर किए पोस्ट में लिखा कि देहरादून में अंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ वह भयावह है। नफरत रातोंरात पैदा नहीं होती। वर्षों से इसे रोजाना खासकर हमारे युवाओं को जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदार बयानों के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। सत्ताधारी भाजपा के नफरत फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा इसे सामान्य बना दिया गया है। भारत सम्मान और एकता पर बना है न कि भय और दुर्व्यवहार पर। हम प्रेम और विविधता का देश हैं। हमें एक ऐसा मृत समाज नहीं बनना चाहिए जो साथी भारतीयों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद ले। हमें आत्मचिंतन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि हम अपने देश को किस ओर जाने दे रहे हैं। मेरी संवेदनाएं चकमा परिवार और त्रिपुरा तथा उत्तर-पूर्वी भारत के लोगों के साथ हैं। हमें आपको अपने साथी भारतीय भाई-बहन कहने पर गर्व है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में कहा कि भाजपा सरकार बताए राज्य में नस्लीय हिंसा कैसे पनप रही है। छात्र की चीख हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। भाजपा सरकार इसकी जवाबदेही से भाग नहीं सकती।
एंजेल चकमा के पिता को 4.12 लाख की सहायता जारी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा को अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 एवं नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम-1955 के तहत पहली किश्त के रूप में 4,12,500 रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून द्वारा चेक जारी कर पीड़ित परिवार को भेज दिया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यह प्रकरण एसएसपी देहरादून के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजा गया था। एसडीएम विकासनगर एवं डीवाईएसपी विकासनगर की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला स्तरीय समिति ने प्रक्रिया तेजी से पूरी की। इसके परिणामस्वरूप प्रथम किश्त का भुगतान तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित हो गया।








