वैसे तो मानव-वन्यजीव संघर्ष का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। दुखद यह है कि दिनों-दिन यह संघर्ष बढ़ता ही जा रहा है। आधुनिक समय में भी मनुष्य ऐसी व्यवस्था नहीं खोज पाया है जिससे यह संघर्ष खत्म हो सके। मनुष्य होने के नाते संघर्ष खत्म करने की जिम्मेदारी हमारी ही है। उत्तराखंड की बात की जाए तो आंकड़े अब डराने लगे हैं। वन्यजीव से संघर्ष में लोगों का जीवन असमय काल का शिकार हो रहा है। उत्तराखंड को वनसंपदा और वन्यजीवों के लिहाज से बेहद समृद्ध माना जाता है। बाघ, गुलदार, हाथी से लेकर अन्य वन्यजीवों का यहां सुरक्षित वासस्थल…
Author: Arjun Singh Rawat
विधानसभा अध्यक्ष और कोटद्वार की विधायक श्रीमती ऋतु खंडूरी ने पौराणिक महत्व वाले Kanvashram का दौरा किया। उन्होंने Kanvashram में पुरातत्व के महत्व वाली काष्ठ कला को करीब से देखा। मालिनी नदी तट के दोनों छोरों पर बसे कण्वाश्रम, उसकी बसासत और विरासत को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि बतौर क्षेत्रीय विधायक उनका पहला ध्येय है कि वह केंद्र, राज्य सरकार की मदद से Kanvashram को पर्यटन के मानचित्र में विश्व पटल पर लाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगी। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने कहा कि अगले माह तक Kanvashram में शकुंतला पुत्र चक्रवर्ती राजा भरत…
धराली से थराली, उत्तराखंड के कई हिस्सों या कह लीजिए पूरे हिमालयी क्षेत्र से हर दिन दुखद खबरें आ रही हैं, जो साफ बता रही हैं कि अब बादल फटने और बाढ़ आने जैसी घटनाएं सिर्फ पारंपरिक संवेदनशील क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गई हैं। बदलते मौसम और जलवायु ने खतरे वाले नए इलाके बना दिए हैं। इस विनाश के पीछे मानवीय हस्तक्षेप के साथ-साथ यहां की पहाड़ी बनावट और जल-प्रवाह से जुड़ी परिस्थितियां भी बड़ी वजह हैं। 5 अगस्त को धराली गांव में जो हुआ, वह सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं थी, बल्कि विज्ञान, पर्यावरण और इंसानी लापरवाही का मिला-जुला…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने शनिवार शाम को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार की गुणवत्ता तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। CM Dhami ने अस्पताल में उपचारधीन मरीजों से भेंट कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें अस्पताल में दी जा रही चिकित्सीय सुविधाओं का फीडबैक लिया। मरीजों और उनके परिजनों से संवाद कर मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को समझा तथा आवश्यक निर्देश भी दिए। दून मेडिकल कॉलेज के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद वेटिंग एरिया (प्रतीक्षालय) में तीमारदारों के लिए समुचित सुविधाएं…
अतुल्य उत्तराखंड के लिए अर्जुन एस. रावत त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव का फाइनल स्कोर 12 जिलों में छोटी सरकार के गठन के बाद ही साफ होगा। इन चुनाव में भाजपा-कांग्रेस का सियासी हासिल क्या रहा, जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी साफ करेगा। पिछली बार 12 जिला पंचायतों में 10 पर भाजपा और 2 पर कांग्रेस के अध्यक्ष थे। इस बार के पंचायत चुनाव के नतीजों ने दोनों दलों को अंत तक लड़ने का मौका दिया है। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की खास बात यह रही कि ज्यादातर जीतने वाले प्रत्याशी युवा हैं। फिर वह चमोली के सारकोट की 21 साल की…
Dehradun Basmati Rice का वजूद मिटता जा रहा है। उत्तराखंड और देहरादून से प्यार करने वालों के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं होना चाहिए। कई दशकों पहले तक इस शहर की ब्रांडिंग का माध्यम हुआ करता था देहरादूनी बासमती। कुछ मानवजनित तो कुछ प्राकृतिक कारणों से इसकी महक गुम होती जा रही है। सरकारी तंत्र सर्वे कर कारणों-परेशानियों का पता तो कर रहा है। लेकिन, बड़ा सवाल तो इसके वजूद का है। यह विडंबना ही है कि भारी मांग के बावजूद देहरादूनी बासमती का उत्पादन अभूतपूर्व रूप से घट रहा है। जो कारण गिनाए जा रहे हैं, उसमें…
Accident in Uttarakhand: पिथौरागढ़ जिले के मुवानी में यात्रियों से भरी एक मैक्स के 150 फीट गहरी खाई में गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई। छह लोग गंभीर रूप से घायल है। पिथौरागढ़-थल मार्ग पर शाम पांच बजे यह हादसा हुआ। मुवानी से सवारियां लेकर यह मैक्स बोकटा गांव के लिए निकली थी और महज एक किलोमीटर पहले हादसे का शिकार हो गई। हादसे में मारे गए सभी यात्री बोकटा गांव के थे। स्थानीय लोगों ने हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित किया और घायलों के रेस्क्यू के लिए खाई में उतर गए। इस हादसे में…
देश के शीर्ष कृषि विश्वविद्यालयों में शुमार गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने एक अनूठी पहल करते हुए दिल्ली की आकाश एयरफोर्स मेस में आम की अलग-अलग किस्मों की प्रदर्शनी का आयोजन किया। यहां रखे गए आमों का स्वाद लेने ‘Operation Sindoor’ के नायक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी पहुंचे। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित उत्कृष्ट आम की किस्मों का अवलोकन किया और विभिन्न प्रजातियों का स्वाद भी चखा। इस प्रदर्शनी ने कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का भी ध्यान खींचा। पंतनगर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं…
बात बहुत पहले की नहीं है, डेढ़ साल पुरानी है। भराड़ीसैंण से सटे सारकोट की तस्वीर ऐसी नहीं थी, जैसी आज नजर आ रही है। इस गांव को देखकर ऐसा लगता था कि जैसे ये विकास की दौड़ में पीछे कहीं छूट गया है। ‘अतुल्य उत्तराखंड’ और ‘तीरंदाज लाइव’ की टीम अक्टूबर 2023 में सारकोट आई थी, यहां के हालात और परेशानियों को बहुत करीब से जाना, समझा और उचित मंच पर उठाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगस्त और नवंबर 2024 के बीच दो बार इस गांव का दौरा किया…। उन्होंने गांव को गोद लेने और…
भारत ने पहलगाम हमले का बदला Operation Sindoor के जरिए पाकिस्तान से ले लिया है। भारतीय सशस्त्र बलों और विदेश मंत्रालय की तरफ से इसकी आधिकारिक जानकारी दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका शामिल हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, ‘पहलगाम का हमला बर्बरतापूर्ण था। इसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात कराया गया। जम्मू कश्मीरी में पर्यटन बढ़ रहा था। पिछले साल सवा 2 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट कश्मीर आए थे।…
Operation Sindoor: भारत ने Pehalgam हमले का बदला लेने के लिए बड़ी जवाबी कार्रवाई की है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एयरस्ट्राइक की गई है। एक साथ कुल 9 ठिकानों पर हमला किया गया। सरकार ने बुधवार को एक बयान में कहा कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया। पाकिस्तान में स्थित ठिकानों में बहावलपुर, मुरीदके और सियालकोट शामिल हैं। आतंकी शिविरों को निशाना बनाने के लिए विशेष सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। तीनों सेनाओं ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन को अंजाम दिया। हमलों में भारतीय सेना, नौसेना…
प्रत्येक मिनट में एक भारतीय अपने डेढ़ लाख रुपये गंवा रहा है। वर्ष 2019-20 के अनुपात में वर्तमान में Cyber Crime 85 फीसदी बढ़े हैं। साइबर अपराध के मामले में भारत दुनिया में 10वें स्थान पर है। रूस शीर्ष पर है। इसके बाद यूक्रेन, चीन, अमेरिका, नाइजीरिया, रोमानिया और उत्तर कोरिया हैं। साइबर एक्सपर्ट का अनुमान है कि 2025 के अंत तक भारत टॉप फाइव में शामिल हो जाएगा। यह आंकड़े साइबर क्राइम की भयावहता बयां करने के लिए काफी हैं। भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (ICRIER) के अनुसार, भारत अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण के मामले में दुनिया में तीसरे…
अतुल्य उत्तराखंड के लिए अर्जुन रावत गढ़वाल और कुमाऊं की सीमा से सटे पौड़ी के बीरोखाल ब्लॉक का एक इलाका है सीली-जमरिया। यह इलाका न सिर्फ स्थानीय लोगों को नौकरियां देने के लिए चर्चा का केंद्र बना हुआ है, बल्कि दूरदराज के इलाकों से लोग यहां काम की तलाश में भी आ रहे हैं। यहां एक उत्तराखंडी की हर्बल एक्सट्रैक्ट कंपनी पहाड़ में इंडस्ट्री के लिए नजीर बन गई है। स्थानीय गांव जमरिया के पेशे से माइक्रोबायोलॉजिस्ट हर्षपाल सिंह चौधरी ने अपने गांव में ही अंबे फाइटो एक्सट्रैक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी स्थापित की है, जो इस क्षेत्र के कई लोगों…
इसमें दो राय नहीं है कि स्थानीय बोलियां संकट में है। जैसे-जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है, ग्रामीण क्षेत्र घट रहा है, उसी के साथ देश के हर हिस्से में क्षेत्रीय बोलियों का चलन कम होता जा रहा है। हर जगह बोली की पहचान ओर दायरा सिकुड़ रहा है। उत्तराखंड का संकट बाकी हिस्सों से बड़ा है, क्योंकि यहां पलायन बड़ा संकट है। यानी, गांव खाली होते जा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्रीय बोलियां विलुप्त होने लगी हैं। अगर बोलियां जाएंगी तो अपने साथ कई चीजों को ले जाएंगी। इसका असर लोक परंपराओं पर भी पड़ेगा। असर दिखने भी लगा है।…
देहरादून के दून विश्वविद्यालय में चल रहे Defence Literature Festival का दूसरा दिन सामरिक स्वायत्तता के महत्व, रक्षा तकनीक की अहमियत, कम चर्चित नायकों की कहानियों और वीर नारियों के नाम रहा। इस अवसर पर पूर्व भारतीय राजनयिक और मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (आईडीएसए) के महानिदेशक सुजन आर. चिनॉय ने कहा कि आज भारत के पास सामरिक स्वायत्तता है। पहले ऐसा नहीं था। आज बहुपक्षीय मंचों पर हमारी मौजूदगी है, जो भारत के सामर्थ्य को प्रदर्शित करती है। भारत में निजी क्षेत्र भी तेजी से काम कर रहा है। दून डिफेंस ड्रीमर्स के सहयोग से आयोजित इस…
देहरादून के दून विश्वविद्यालय में आयोजित Defence Literature Festival के पहले दिन सशस्त्र बलों के दिग्गजों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमांत गांवों की स्थिति, डेमोग्राफी में हो रहे बदलाव और सेना में आध्यात्म जैसे विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। पहले दिन हुए सत्रों के दौरान पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ कई अन्य लेखकों द्वारा सेना पर लिखी गई किताबों पर चर्चा की गई। पहले सत्र में मेजर (रिटा.) मानिक एम जौली ने अपनी किताब ‘कुपवाड़ा कोड्स’का जिक्र करते हुए कहा कि सैन्य ऑपरेशनों की कहानियां लोगों के बीच लाना जरूरी है क्योंकि उन्हें नहीं पता होता है कि किसी एक…














