एक खुला खत… मेरे पहाड़वालों, बेटी वालों…. आज जरा दिल पर हाथ रखकर पढ़िये….। अंकिता भंडारी पहाड़ की वो बदनसीब बेटी थी, जिसने एक सपना देखा था। शहर जाने का, नौकरी करने का…अपने गरीब मां-बाप का घर-खर्च में हाथ बटाने का। लेकिन, उस सपने की मौत हो गई…इसी देवभूमि में…। अंकिता की मौत महज एक युवा लड़की की मौत नहीं है, ऐसे कई सपनों की मौत है जो पहाड़ की लड़कियां देखती हैं। उन्हें यह उम्मीद होती है कि वह पढ़ाई पूरी करने के बाद शहरों में जाएंगी, वहां नौकरी करेंगी। अपना भविष्य बनाएंगी। लेकिन जब इस तरह की घटनाएं…
Author: Arjun Singh Rawat
Caste Census : लोकसभा चुनाव 2024 के बाद देश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। पिछले दस वर्षों में पहली बार विपक्ष दिख रहा है। दिख ही नहीं रहा बल्कि फ्रंट फुट पर खेल भी रहा है। इसका सबसे अहम कारण जाति गणना और आरक्षण है। फिलहाल भाजपा के पास इसकी काट नहीं नजर आ रही है। इस बीच जाति गणना और आरक्षण पर आरएसएस यानी स्वयंसेवक संघ के बदले रुख को सबसे बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि यह संवदेनशील मामला है। इसका इस्तेमाल…
कम से कम ढाई हजार कमा लेती हूं। शायद यह रकम आपको बहुत कम लगे, लेकिन हमारे लिए बहुत बड़ा सहारा है। हमें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता।’ ये शब्द अल्मोड़ा के चौखुटिया में एक सेल्फ हेल्फ ग्रुप की सदस्य के हैं, जो NABARD के सहयोग से चल रहे फुटवियर डिजाइन प्रोजेक्ट में पार्टटाइम काम करती है। यहीं हमें कुछ और महिलाएं भी मिलीं, जो अलग-अलग तरह के छोटे-छोटे काम कर रही हैं। ये पहाड़ की छोटी-छोटी लेकिन बदलाव की बड़ी कहानियां हैं। स्वयं सहायता समूह, यह नाम नाबार्ड का ही दिया हुआ…
मिसालें खोजने के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता, ये हमारे आसपास होती हैं। अक्सर हम बात करते हैं कि पहाड़ों में लोगों के पास काम नहीं है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। दो जिलों का जिक्र बहुत होता है, अल्मोड़ा और पौड़ी, जिनके बारे में कहा जाता है कि सबसे ज्यादा पलायन इन्हीं दो जिलों से हुआ। क्या यही सच है या कुछ ऐसा भी है, जिसे दिखाना और बताना चाहिए। यही तलाश हमें अल्मोड़ा के ताकुला ब्लॉक के पनेरगांव तक ले गई। यहां हमें मिले प्रगतिशील और कर्मठ किसान ललित लोहनी,…
Paris Olympics में भारतीय हॉकी टीम ने ब्रांज मेडल जीत लिया है। स्पेन को 2-1 से हराकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है। 52 साल बात भारत ने लगातार दो ओलंपिक में हॉकी में पदक जीता है। टोक्यो ओलंपिक में भी भारत ने ब्रांज मेडल अपने नाम किया था। भारत के लिए ‘सरपंच’ कहे जाने वाले हरमनप्रीत ने 30वें और 34वें मिनट में गोल दागे। इससे पहले 1968 मैक्सिको ओलंपिक और 1972 म्यूनिख ओलंपिक में भारत ने ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। सेमीफाइनल में एक करीबी मुकाबले में जर्मनी ने भारत को हराकर 60 साल बाद गोल्ड मेडल जीतने का…
आज के दौर में जब देश में हर तरफ नौकरी मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, रोजाना देश के अलग-अलग हिस्सों में रोजगार के लिए आंदोलन हो रहे हैं, ऐसे समय में ‘अतुल्य उत्तराखंड’ आपको पहाड़ के ऐसे युवाओं से रूबरू करा रहा है, जिन्होंने अच्छी खासी नौकरी छोड़कर घर वापसी की। अपनी मेहनत के दम पर न केवल एक Startup कह लीजिए या एक बड़ी कंपनी खड़ी की, बल्कि 80 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। आज इन युवा उद्यमियों की अगुवाई वाली टीमें अमेरिका, इंग्लैंड, इस्राइल, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में अपनी…
जम्मू-कश्मीर के कठुआ (Kathua Terror Attack) में हुए आतंकी हमले में सेना की 22 गढ़वाल राइफल्स के 5 जवान शहीद हो गए,जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हमले में घायल 5 जवानों को कठुआ के बिलावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से देर रात पठानकोट मिलिट्री हॉस्पिटल रेफर किया गया है। इस हमले में शहीद हुए जवानों में नायब सूबेदार आनंद सिंह, हवलदार कमल सिंह, नायक विनोद सिंह, राइफलमैन अनुज सिंह नेगी, राइफलमैन आदर्श सिंह नेगी हैं। वहीं हवलदार आनंद सिंह, हवलदार सुजान राम, सागर सिंह, गगनदीप सिंह और कार्तिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। Kathua Terror Attack :…
Ground Report: महिलाओं को उत्तराखंड की धुरी कहा जाता है। उनके बिना न तो इस राज्य की कल्पना की जा सकती है, न ही विकास, तरक्की और समृद्धि का सपना देखा जा सकता है। ऐसे में महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में लाने, स्किल्ड बनाने और उनके लिए स्थायी आजीविका के उपाय करने के उद्देश्य से शुरू हुआ नाबार्ड (NABARD) का आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम …यानी एलईडीपी। ये कोशिश है महिलाओं के सामूहिक सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की…। क्या कभी किसी ने कल्पना की थी कि पहाड़ों में अपने रोजमर्रा के कामकाज तक सीमित महिलाएं एक दिन फुटवियर बनाने…
उत्तराखंड में Election Results वैसे ही रहे हैं, जैसा भाजपा उम्मीद कर रही थी। यहां पार्टी ने हैट्रिक लगाते हुए तीसरी बार सभी 5 सीटें जीती हैं। हरिद्वार से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, पौड़ी से अनिल बलूनी और टिहरी से माला राज्यलक्ष्मी शाह ने शानदार जीत दर्ज की है। अल्मोड़ा से अजय टम्टा और नैनीताल लोकसभा से केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट रिकॉर्ड मतों से विजयी हुए हैं। हरिद्वार सीट से जीत दर्ज करने वाले त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए यह जीत कई तरह से खास है। मुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद मीडिया और सियासी गलियारों में त्रिवेंद्र…
उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में विकास कार्यों के न होने से नाराज लोगों ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) 2024 का बहिष्कार किया। इसमें एक इलाका ऐसा भी है, जहां के विकास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। यही नहीं खुद पीएम मोदी ने अक्टूबर में यहां आकर शिव साधना की थी। बावजूद इसके यहां सिर्फ 15.5% मतदान हुआ। बात हो रही है पिथौरागढ़ की व्यास वैली की। यहां के पार्वती कुंड में पीएम मोदी के पूजा-पाठ की तस्वीरें दुनिया भर में वायरल हुई थीं। यहां से आदि कैलास के दर्शन की बड़ी योजना पर…
साल 2004 के Lok Sabha Election में उत्तराखंड में 48.07 प्रतिशत मतदान हुआ था। साल 2009 में यह आंकड़ा बढ़कर 53.43 प्रतिशत तक पहुंचा। 2014 में एक लंबी छलांग के साथ मतदान का प्रतिशत 61.67 प्रतिशत पहुंच गया। 2019 में भी वोटिंग 61.50 प्रतिशत के आंकड़े के पास रहा।














