Chardham Yatra 2025 : प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचे। इसके अलावा उत्तराखंड सरकार द्वारा किए गए विशेष इंतजामों का असर भी यात्रा की सफलता में दिखा। केदारनाथ मंदिर के कपाट 23 अक्तूबर को भैया दूज पर्व पर सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे। पंचांग पूजा के बाद मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि तय की गई। कपाट बंद होने के बाद उसी दिन बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना होगी। 2 मई को शुरू हुई चारधाम यात्रा को लेकर इस बार श्रद्धालु काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई थी। जानकारी के लिए बता दें कि केदारनाथ धाम में 20 लाख से ज़्यादा, बद्रीनाथ धाम में 15 लाख से अधिक और गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में 10 से 12 लाख भक्तों ने दर्शन किए।
जय माँ गंगा !
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केन्द्र, पतित पावनी माँ गंगा को समर्पित श्री गंगोत्री धाम के कपाट आज संपूर्ण विधि-विधान के साथ शीतकाल हेतु बंद कर दिए गए हैं।
माँ गंगा से प्रार्थना है कि सभी भक्तजनों का जीवन सुख, शान्ति एवं उन्नति से परिपूर्ण रहे।#GangotriDham pic.twitter.com/foYCw8TuGX
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 22, 2025

गंगोत्री धाम के कपाट बंद कर दिए गए
बुधवार 11.30 बजे गंगोत्री में मां गंगा मंदिर के कपाट शीतकालीन के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने पर धाम मां गंगा के जयकारों से गूंज उठा। मां गंगा के स्वागत के लिए मुखबा भी तैयार है। मंदिर को भव्य रूप से सजा दिया गया है। कपाट बंद होने के बाद अब यहीं मां गंगा के दर्शन होंगे। बता दें कि कार्तिक माह की अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) के दिन मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना होगी।

यात्रा से जुड़े कारोबारी आशीष सेमवाल, विनय उनियाल ने बताया कि सर्दियों में भी यमुना व गंगा के शीतकालीन पड़ाव वाले खरसाली और मुखबा गांव तक यात्रा चालू रखकर देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को यहां आकर्षित किया जा सकता है। उस दौरान तीर्थयात्री व पर्यटक यमुना और गंगा की पूजा-अर्चना करने के साथ ही बर्फबारी का नजारा भी देख सकेंगे। इस यात्राकाल में दोनों धामों में 1402128 तीर्थयात्रियों का आगमन हुआ है। जिनमें यमुनोत्री धाम में आने वाले 644366 और गंगोत्री धाम में आने वाले 757762 तीर्थयात्री शामिल हैं।

50 लाख पार हो जाएगा यात्रियों का आंकड़ा
21 अक्तूबर तक चारधाम में दर्शन करने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या 49.30 लाख से अधिक हो चुकी है। वहीं, अब तीनों धामों के कपाट बंद होने तक यह आंकड़ा 50 लाख पार हो जाएगा।
शीतकाल में कहां होंगे दर्शन
धामों के कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में देवी-देवताओं की पूजा उनके शीतकालीन गद्दीस्थलों पर होती है
मां गंगा (गंगोत्री): शीतकालीन पूजा मुखवा में होगी।
मां यमुना (यमुनोत्री): शीतकालीन पूजा खरसाली में की जाएगी।
केदारनाथ धाम: शीतकालीन पूजा ऊखीमठ में होगी।
प्रशासन ने इन शीतकालीन दर्शन स्थलों पर भी सुरक्षा, आवास और परिवहन की पुख्ता व्यवस्था की है।








