Chardham Yatra : भाई दूज के पावन अवसर पर सुबह 8:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के साथ शीतकाल के लिए केदारनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए गए। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरी केदारघाटी हर हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोष से गूंज उठी। इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी भी धाम पहुंचे। अब छह माह तक बाबा केदार की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी।
केदारनाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया है। बुधवार को केदारनाथ भगवान की चल विग्रह पंचमुखी डोली को मंदिर के सभामंडप में विराजमान कर दिया गया था। मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया विशेष पूजाओं के साथ सुबह चार बजे से शुरू हो गई थी। सबसे पहले केदरनाथ भगवान की चलविग्रह पंचमुखी डोली को सभामंडप से बाहर लाया गया। इसके बाद डोली को मंदिर की परिक्रमा कराई गई। प्रक्रिमा के बाद जयकारों के साथ मंदिर के कपाट बंद किए गए। आज अपने भक्तों के साथ बाबा केदार की डोली रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी।
#केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, अब ऊखीमठ में विराजेंगे बाबा केदार!
हर हर महादेव… के जयकारों से गूंज उठा केदारनाथ धाम।#kedarnathtemple pic.twitter.com/ZAGZvRJCJT— Arjun Rawat (@teerandajarjun) October 23, 2025
केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, विजय कप्रवाण, केदारसभा के अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी, केदारसभा के अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी, केदारसभा के मंत्री पंडित अंकित प्रसाद सेमवाल, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला, पुजारी बागेश लिंग, आचार्य संजय तिवारी, अखिलेश शुक्ला आदि मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु
उत्तराखंड चारधाम यात्रा में साल 2025 में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। गंगोत्री धाम में 758249 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यमुनोत्री धाम में 644505 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। केदारनाथ धाम में 17 लाख 57 हजार 380 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं का आंकड़ा 15 लाख 32 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अभी भी बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले हैं और बद्रीनाथ धाम के पाठ शीतकाल के लिए 25 नवंबर को दोपहर 2:56 पर बंद किए जाएंगे।
गंगोत्री धाम के कपाट भी बंद
इससे पहले 22 अक्टूबर को गंगोत्री धाम के कपाट सुबह 11:30 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। गंगोत्री धाम मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधिविधान के साथ अन्नकूट पूजा के दिन 6 माह के लिए बंद कर दिए गए हैं। अन्नकूट पर् गंगोत्री धाम मंदिर के कपाट 11 बजकर 36 मिनट पर बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने पर गंगोत्री धाम से गंगा जी की उत्सव मूर्ति को डोली में बिठाकर मुखवा गांव लाया जाएगा। जहां गंगा जी की उत्सव प्रतिमा गंगा मंदिर में शीतकाल में विराजमान रहेंगी। इससे पूर्व मां गंगा की विग्रह डोली मुखबा से तीन किमी पहले मार्केण्डेय के अन्नपूर्णा मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी। उसके बाद भैयादूज पर मुखबा में 6 माह के लिए विराजमान होगी। श्रद्धालु शीतकाल में मुखवा के गंगा मंदिर में दर्शन-पूजन कर सकेंगे।

छह महीने के लिए बंद चारधाम
दरअसल, उत्तराखंड के चार धाम गंगोत्री यमुनोत्री केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम 6 महीने के लिए श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं, क्योंकि चारों धाम ऊंचे हिमालय क्षेत्र में हैं। वहां सर्दी में जबरदस्त बर्फबारी होती है और वहां रहना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में चारधामों के कपाट शीतकाल के लिए हर साल 6 महीने के लिए बंद किए जाते हैं। इसके बाद चारधाम के शीतकाल प्रवास, जिसमें गंगोत्री धाम का मुखवा शीतकाल प्रवास, यमुनोत्री धाम का खरसाली शीतकाल प्रवास, केदारनाथ धाम का शीतकाल प्रवास ऊखीमठ, और बद्रीनाथ धाम का शीतकाल प्रवास पांडुकेश्वर और ज्योर्तिमठ है। यहां पर श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने पहुंचते हैं।
दोपहर में बंद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट
आज यमुनोत्री में मां यमुना मंदिर के कपाट 12.30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद मां यमुना की उत्सव मूर्ति के दर्शन खरसाली गांव में होंगे।








