CM DHAMI ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष के साथ बैठक में दो टूक कहा कि पर्वतीय राज्यों की परिस्थितियों के हिसाब से नीतियां बनाई जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्वतीय, मैदानी,भाबर और तराई क्षेत्र हैं। आपदा, वनाग्नि, पलायन और फ्लोटिंग जनसंख्या उत्तराखंड की बड़ी चुनौती है। साथ ही दो देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे होने से हमारा राज्य सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारी मांगों पर अधिक गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
दरअसल, उत्तराखंड के दौरे पर आए नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने सचिवालय में सीएम धामी से शनिवार को मुलाकात की। बातचीत में सीएम ने कहा कि ऐसी नीतियां बनाई जाएं जिससे पहाड़ी युवाओं को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े। यही पर उन्हें रोजगार मिले या रोजगार कर सकें। बताया जा रहा है कि सीएम ने बड़ी बेबाकी से राज्य की समस्याओं को नीति आयोग के उपाध्यक्ष के समक्ष रखा। साथ ही कहा कि नीति आयोग नीतियां बनाते समय उत्तराखंड का विशेष ख्याल रखे। नीति आयोग के उपाध्यक्ष भी सीएम की बात से सहमत दिखे।
सचिवालय, देहरादून में नीति आयोग की बैठक में माननीय उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी जी एवं अन्य सम्मानित सदस्यों के साथ प्रदेश के विकास से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। @NITIAayog के अधिकारियों से प्रदेश में बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में… pic.twitter.com/CJGkVGZipR
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 19, 2024
सीएम धामी ने कहा, उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से बहुत संवेदनशील राज्य है। बाढ़, भूस्खलन, अतिवृष्टि व वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से राज्य को हर साल जन-धन की काफी हानि होती है। कहा, राज्य में विकसित किया गया अवस्थापना प्राकृतिक आपदाओं से काफी प्रभावित होता है। उन्होंने राज्य की प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए नीति बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष नीति बनाने की अपील की। आयोग उपाध्यक्ष ने सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को प्रथम स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी।
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उन्होंने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में उत्तराखंड सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, नीति आयोग की राज्य सलाहकार सोनिया पंत, सचिव आर मीनाक्षी सुदंरम, शैलेश बगोली, एसएन पांडेय, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, सीपीपीजीजी के एसीईओ डॉ. मनोज पंत आदि मौजूद थे।
नदी जोड़ो परियोजना के लिए मांगा तकनीकी सहयोग
सीएम ने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग से सहयोग की अपील की। सीएम ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण योजना है। वर्षा आधारित नदियों को जोड़ा जाना गेमचेंजर साबित हो सकता है। हालांकि, इस योजना के लिए बहुत ज्यादा धनराशि की जरूरत पड़ेगी। साथ ही उन्होंने नीति आयोग से तकनीकी सहयोग भी मांगा।
राज्य की आबादी, सवा करोड़… लेकिन, दस करोड़ से ज्यादा होती है आवाजाही
सीएम ने नीति आयोग के साथ बातचीत में कहा कि वैसे तो राज्य की आबादी सवा करोड़ है। लेकिन, धार्मिक और पर्यटन प्रदेश होने की वजह से राज्य में इससे 10 गुना लोगों की आवाजाही है। यानी, दस करोड़ से ज्यादा लोग यहां आते-जाते हैं। राज्य में फ्लोटिंग जनंसख्या को ध्यान में रखते हुए आधारभूत और बुनियादी सुविधाओं के विकास की आवश्यकता होती है। उन्होंने आयोग से राज्य में फ्लोटिंग आबादी को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए नीति बनाने का अनुरोध किया।
अगले पांच वर्षों में दोगुनी होगी आर्थिकी
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में लिए ’सशक्त उत्तराखंड के तहत आगामी पांच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। राज्य की आर्थिकी वर्ष 2022 के सापेक्ष 1.3 गुना हो चुकी है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किए है।