सीएम धामी ने इस बार की दिवाली आपदा प्रभावित लोगों के बीच जाकर मनाई। उन्हें हर सभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि आपका दर्द हमारा है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्धता का ध्यान रखा जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फोटो शेयर करते हुए सीएम धामी ने लिखा कि दीपावली के शुभ अवसर पर प्रभावितों के साथ बिताया गया समय अत्यंत भावुक कर देने वाला क्षण था। हमारी सरकार प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण व पुनर्वास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

आपदा में उजड़े मझाड़ा गांव के लोगों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवाली मनाई। सीएम सोमवार को मजाड़ा पहुंचे। मजाड़ा के लोगों ने इस बार दिवाली न मनाने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सोमवार को सहस्त्रधारा, देहरादून स्थित मझाड़ा गांव पहुंचे। जहां उन्होंने काली गाड़, मझाड़ा गांव एवं सहस्त्रधारा क्षेत्र के आपदा प्रभावितों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना एवं उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में चल रहे पुर्ननिर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री प्रभावितों के घर पहुंचे और महिलाओं, बच्चों, और ग्रामवासियों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामवासियों की मांग अनुसार अधिकारियों को रिवर ट्रेनिंग करने के और गांव की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

15 सितंबर को आई थी आपदा
गत 15 सितंबर को देहरादून के मजाड़ा-कार्लीगाड गांव में आपदा ने भारी तबाही मचाई थी। दोनों ही गांवों में सब कुछ तहस-नहस हो गया है। मजाड़ा में एक मजदूर सहित गांव निवासी अंकित की मौत हो गई थी। वहीं, कई लोगों के घर टूट गए हैं और रिजॉर्ट सहित कई मकान क्षतिग्रस्त हुए थे। आपदा को एक महीना बीत गया लेकिन अभी तक भी मझाड़ा के लोग इस आपदा को भुला नहीं पाए हैं और न ही वहां पर जीवन पटरी पर आया है। जहां पूरा देश दीपावली के जश्न में डूबा हुआ है वहीं मजाड़ा के लोगों में आज भी मायूसी है।








