मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित 17वें कृषि सम्मेलन में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता में हमेशा से किसान रहे हैं। इस बार के बजट में भी उनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। विवि के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने सीएम का स्वागत किया। साथ ही विवि द्वारा किए जा रहे कार्यों से भी अवगत कराया।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पंतनगर विवि का गौरवशाली इतिहास रहा है। कृषि प्रदर्शनी के स्टालों से किसानों को उपज उत्पादन को लेकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलता है। पीएम मोदी की अगुवाई में देश के किसानों को समृद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आम बजट में किसानों के लिए प्रावधान किए गए है। भारत सरकार की थीम गरीब, युवा, अन्नदाता को आत्मसात करते हुए प्रदेश के बजट में प्रावधान किए गए हैं।

सीएम धामी ने कहा, प्रदेश में किसानों को तीन लाख तक बिना ब्याज ऋण दिए जा रहे हैं। बेतालघाट सहित अन्य जगहों पर चाय बागान को जैविक चाय बागान के रूप परिवर्तित किया जा रहा है। 6 अरोमा वैली विकसित की जा रही है। कहा कि ये सम्मेलन पूरे देश में कृषि में वैज्ञानिक दृष्टिकोण समृद्ध करने में सहायक सिद्ध होगा। बेमौसमी खेती पर पाबंदी लगाई गई है।
इस प्रकार से नवाचार से लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। कहा कि देश से सीमांत के गांव को पहले गांव की संज्ञा देते हुए विकास कार्यों की योजनाओं को बनाया जा रहा है। 27 जनवरी को यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बना है।लिव इन रिलेशनशिप में रहने वालों की जानकारी परिजनों और प्रशासन को होगी। लिव इन रिलेशनशिप हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों पर भरोसा करते है और सुरक्षा के लिहाज से लागू किया गया है।
इस दौरान डा. मनमोहन सिंह चौहान ने कहा, कृषि क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा गर्मी के मौसम में धान की रोपाई पर प्रतिबंध लगाने की प्रशंसा की क्योंकि गर्मी में लगाये जाने वाले धान के कारण केवल भू-जल स्तर ही नहीं घट रहा था बल्कि धान की लगातार रोपाई से धान में लगने वाले कीटों का प्रकोप बढ़ता जा रहा था और उसके नियंत्रण के लिए रसायनों के प्रयोग से वातावरण दूषित हो रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि इस ‘कृषि कुंभ’ में 16 देशों यथा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन, यूके, जर्मनी, इटली, रोमानिया, स्लोवेनिया, थाइलेंड, फिजी, मोरक्को, जांबिया, ओमान एवं नेपाल से वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे है। इसके अतिरिक्त उद्योग जगत के प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान भी प्रतिभाग कर रहे है।

कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मानित किसानों में किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, बलविन्दर सिंह, सुरेश राणा, अमृत पाल, नरेंद्र मेहरा और श्रीमती कविता देवी शामिल थे, जिन्होंने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। समापन समारोह में निदेशक शोध एवं आयोजन सचिव डा. एएस नैन ने धन्यवाद प्रस्ताव किया।







