उत्तराखंड के राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने नववर्ष 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की। महासंघ ने सीएम के नेतृत्व में राज्य को सुशासन व विकास की नई मिसाल बताते हुए कर्मचारियों व जनता के हितों के संतुलन की प्रशंसा की। प्रतिनिधि मंडल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदेश की उन्नति, समृद्धि व निरंतर प्रगति की कामना की।महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी के नेतृत्व में शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने सबसे पहले सीएम धामी से भेंट की। उन्होंने नववर्ष की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु व कुशल नेतृत्व की प्रार्थना की। इसके बाद मंडल ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन, मुख्यमंत्री सचिव विनय शंकर पांडे, पेयजल सचिव एवं सीएम सचिव शैलेश बगौली तथा अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान से अलग-अलग मुलाकातें कीं। प्रत्येक भेंट में नववर्ष शुभकामनाएं प्रेषित की गईं व राज्य सरकार की नीतियों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
महासंघ का मानना है कि पुष्कर सिंह धामी के सशक्त नेतृत्व में उत्तराखंड न केवल प्रशासनिक सुधारों की मिसाल कायम कर रहा है बल्कि सरकारी निगमों के कार्य निष्पादन में भी पारदर्शिता व दक्षता आ रही है। प्रदेश अध्यक्ष राणाकोटी ने भेंट के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बीते वर्षों में लिए गए निर्णयों का सीधा लाभ जनता व कर्मचारियों को मिला है। राज्य निगमों के कर्मचारी विकास की रीढ़ हैं। उनकी भूमिका को मजबूत बनाना समग्र प्रगति के लिए अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन व कर्मचारी संगठनों के बीच सकारात्मक संवाद नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार बनेगा।

यह भेंट महासंघ की ओर से नववर्ष पर की गई शिष्टाचार परंपरा का हिस्सा थी। महासंघ ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि वर्तमान प्रशासनिक नेतृत्व की नीतियां जनोन्मुखी, पारदर्शी व कर्मचारी हितैषी हो रही हैं। इससे निगमों की कार्यक्षमता में सुधार हो रहा है। महासंघ ने उम्मीद जताई कि 2026 में सरकार कर्मचारी मुद्दों—जैसे वेतनमान, पदोन्नति, पेंशन व कार्यस्थिति सुधार—पर संवेदनशीलता दिखाएगी। ठोस कदम उठाकर निगमों को और सशक्त बनाया जाएगा। उत्तराखंड में राज्य निगम कर्मचारी महासंघ एक प्रमुख संगठन है। जो विभिन्न सरकारी निगमों जैसे उत्तराखंड जल वीड्युत निगम, पर्यटन विकास निगम, परिवहन निगम व अन्य में कार्यरत हजारों कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। पिछले कुछ वर्षों में महासंघ ने कई मुद्दों पर सरकार से वार्ता की है, जिनमें महंगाई भत्ता वृद्धि, स्थायीकरण व सुरक्षा उपाय प्रमुख रहे। सीएम धामी के कार्यकाल में शासन की स्थिरता व निर्णायकता ने कर्मचारी वर्ग में विश्वास जगाया है। उदाहरणस्वरूप, हालिया बजट में निगम कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का प्रावधान किया गया, जिसकी सराहना महासंघ ने की।

प्रतिनिधि मंडल में राणाकोटी के साथ नंदलाल जोशी, बालेश कुमार, हरि सिंह, कुनाल शर्मा, मनोज कुमार, अमजद खां, अरविंद पायल व रविनंदन सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य शामिल थे। सभी ने एक स्वर में प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य, प्रशासनिक स्थिरता व विकास की कामना की। भेंट के अंत में महासंघ ने अधिकारियों को स्मृति चिह्न भी भेंट किए। यह घटना राज्य में कर्मचारी-प्रशासन संबंधों की मजबूती को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवाद से नीतिगत निर्णय तेजी से लागू होंगे। नववर्ष पर यह पहल सुशासन की दिशा में सकारात्मक संकेत है। महासंघ ने सभी कर्मचारियों व जनता से नववर्ष पर एकजुट होकर राज्य निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
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