- अतुल्य उत्तराखंड के लिए संजीव कंडवाल
भारत की सांस्कृतिक – सामाजिक विविधता को दर्शाने के लिए एक पुरानी कहावत का इस्तेमाल किया जाता है – ‘कोस कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी’ और जब हम Uttarakhand के पहाड़ों में होते हैं तो, यह विविधता हमें हर धार-खाल में नजर आने लगती है। उत्तराखंड के भूगोल और समाज की बनावट ही ऐसी रही है कि यहां हर घाटी हर चोटी में विशिष्ट तरह की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति सुनाई देती है। इस तरह उत्तराखंड का समाज भारत की जनसांख्यिकी में भले ही छोटी सी हिस्सेदारी रखता हो, लेकिन यहां की सांस्कृतिक विविधता इसे हमेशा प्रासंगिक बनाए रखती है। सीमांत पिथौरागढ़ का जौलजीवी मेला हो या रंवाई उत्तरकाशी का देवलांग मेला। फिर यहां तो दिवाली भी विविध रंगों में मनाई जाती है, कहीं बग्वाल, कई ईगास तो कहीं बूढ़ी दिवाली। पर्वतीय समाज का जनजीवन ऊपर से जितना, कठिन नजर आता है, यह भीतर से उतना ही सतरंगी-अतरंगी भी है। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड को ‘वन डिस्ट्रिक, वन फेस्टिवल’ के मंत्र को अपनाते हुए, ग्रामीण पर्यटन को नया रंग देने का सुझाव देते हैं। उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता पर यह भरोसा किया जा सकता है कि वो यहां आने वाले सैलानियों को एक अनकहा अहसास देगी।

एक्शन मोड में सरकार
उत्तराखंड को ग्रामीण पर्यटन, वेलनेस का केंद बनाने के लिए दिए गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुझावों के बाद राज्य सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को आगामी 25 वर्षों के रोडमैप के आधार पर इस दिशा में आगे बढ़ने को कहा है। प्रदेश सरकार सीमांत जनपदों के चिन्हित वाइब्रेंट विलेज को छोटे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है, जहां पयर्टकों को विशिष्ट सांस्कृतिक परिवेश के बीच स्थानीय भोजन का स्वाद तो मिलेगा ही साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प के दर्शन हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने पहाड़ी जिलों को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में भी विकसित करते हुए, ब्लूबेरी, कीवी, हर्बल और औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है।
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उत्तराखंड की आत्मा अध्यात्म, पर्यटन और प्राकृतिक संपदा में निहित है, प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के संकल्प के अनुसार उत्तराखंड को ‘स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। हम विधानसभावार योग, आयुर्वेद, नैचुरोपैथी संस्थान और होम-स्टे को मिलाकर एक संपूर्ण पर्यटन एवं वेलनेस पैकेज तैयार कर रहे हैं, इसे जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड








