Delhi Blast : दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आठ संदिग्धों ने चार शहरों में सिलसिलेवार विस्फोट करने की योजना बनाई थी। प्रत्येक समूह आईईडी लेकर जाने वाला था। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि विस्फोट में डॉ. उमर मोहम्मद शामिल थे, जिनका डीएनए उनकी मां से मेल खाता है। दिल्ली पुलिस ने बयान में कहा कि डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई है कि लाल किले के पास विस्फोट करने वाला व्यक्ति डॉ. उमर उन नबी था। विस्फोट के बाद, उसका पैर स्टीयरिंग व्हील और एक्सीलेटर के बीच फंस गया था। उसका डीएनए सैंपल उसकी मां से मेल खाता है।
शुरुआती जांच के दौरान एजेंसियों ने पाया कि दिल्ली ब्लास्ट मामले में तार तुर्किये से जुड़े हैं। कार ब्लास्ट करने वाले उमर का तुर्किये कनेक्शन सामने आया है। एजेंसियों का कहना है कि तुर्किये के अंकारा में बैठे एक हैंडलर से उमर लगातार संपर्क में था। हैंडलर का कोडनेम UKASA था। जांच में ये भी साफ हुआ है कि यह साजिश 2022 में तुर्किये में रची गई थी। उसी वर्ष उमर और उसके तीन साथियों ने तुर्किये की यात्रा की थी। तुर्किये में उमर करीब दो हफ्ते तक अंकारा में रहा था। एक अधिकारी ने बताया कि उनकी बातचीत शुरू में टेलीग्राम पर हुई थी। बाद में सिग्लनल जैसे एप पर उन समूहों की बात होने लगी। उकासा ने ही उमर और उसके साथियों को सीक्रेट सेल स्थापित करने और डिजिटल फुटप्रिंट से बचने के बारे में मार्गदर्शन दिया।

नूंह से खरीदा था फर्टिलाइजर
मेवात के नूंह से अमोनियम नाइट्रेट बनाने के लिए फर्टिलाइजर खरीदा गया था। स्पेशल सेल की टीम ने नूंह में छापा मारा है। वहां कई फर्टिलाइजर की दुकानों की वीडियो बनाकर जम्मू कश्मीर पुलिस को भेजा है, ताकि मुजम्मिल उस दुकान की पहचान कर सके जहां से उसने और उमर ने फर्टिलाइजर के तौर पर केमिकल लिया था। यह जानकारी भी सामने आई है कि लाल किला विस्फोट के आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, उमर और शाहीन ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये नकद जुटाए, ये रुपये उमर को सौंपे गए थे।
खाद उर्वरक ने कैसे दहला दी राष्ट्रीय राजधानी
आम भाषा में अमोनियम नाइट्रेट को खाद उर्वरक कहा जाता है। मगर इस उर्वरक ने कैसे दिल्ली को दहला दिया और कैसे विस्फोटक बना। यह सवाल सभी के जेहन में है। दरअसल इस उर्वरक ने इससे पहले भी तबाही मचाई है। अमेरिका में 1000 किलो अमोनियम नाइट्रेट से विस्फोट किया गया था जिसके टुकड़े धमाके के बाद आठवीं मंजिल तक गए थे। भारत में भी यूपी और महाराष्ट्र में इसका इस्तेमाल हो चुका है। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लालकिला बम धमाका घटनास्थल से दो तरह के केमिकल और गंध होने के सबूत मिले हैं। ऐसे में अमोनियम नाइट्रेट के साथ अन्य विस्फोटक मिलाया गया है। सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर अमोनियम नाइट्रेट होता क्या है? क्या ये बम होता है या विस्फोटक होता है? और अगर ये विस्फोटक होता है तो इतनी बड़ी मात्रा में कैसे इसको स्टॉक कर के रखा गया था। अमोनियम नाइट्रेट ये असल में एक तरह का नमक होता है। नमक की तरह ही इसके सफेद क्रिस्टल होते हैं।

सबसे पहले अमेरिका में हुआ था
अमेरिका में 1970 में विस्कॉन्सिन की यूनिवर्सिटी में वियेतनाम जंग के विरोध में एक वैन में 1000 किलो एएनएफओ से एक विस्फोट किया गया था। कहते हैं वैन के टुकड़े बिल्डिंग की आठवीं मंजिल तक उड़ कर चले गए थे। भारत में 2012 में पुणे में जंगली महाराज रोड पर कई छोटे विस्फोट हुए थे, उनमें भी एएनएफओ पाया गया था। उससे पहले मुंबई में ऑपेरा हाउस, जावेरी बाजार और दादर में धमाकों में 26 लोगों की जान गई थी, उसमें भी एएनएफओ इस्तेमाल होने की आशंका जताई गई थी।
दो नहीं तीन कार थी, सुरक्षा एजेंसियों को तीसरी गाड़ी की तलाश
राजधानी दिल्ली के लाल किला इलाके में सोमवार शाम को हुए कार बम विस्फोट मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। अब तक दो संदिग्ध कारों की जानकारी सामने आने के बाद, गुरुवार को एक तीसरी कार के बारे में भी जानकारी मिली है, जिसकी तलाश जारी है। सुरक्षा एजेंसियां इस तीसरी लापता कार को ढूंढने में जुटी हैं, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल विस्फोटकों को ले जाने या संदिग्धों के भागने में किया गया होगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम को लाल किला के पास एक सफेद हुंडई आई-20 कार में विस्फोट हुआ था, जिसमें 13 लोगों की दुखद मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए थे। शुरुआती जांच में एक और संदिग्ध गाड़ी का पता चला था। जांच टीमों ने फरीदाबाद जिले से इस दूसरी गाड़ी, एक लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट को बरामद करने में सफलता हासिल की थी। हालांकि, अब एक तीसरी कार, जिसके मारुति ब्रेज़ा होने की आशंका है, अभी भी लापता है।

तीसरी कार का संभावित इस्तेमाल
सूत्रों का कहना है कि लापता तीसरी कार का इस्तेमाल आरोपियों द्वारा रेकी (टोही) करने या घटना के बाद भागने के लिए किया गया हो सकता है। इस आशंका के चलते, दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मारुति ब्रेज़ा का पता लगाने के लिए दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। इस खुलासे के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है और हाई अलर्ट जारी है।








