14 अप्रैल को बैसाखी और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस परियोजना को उत्तराखंड की रफ्तार और विस्तार का नया आधार स्तंभ बताया है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए त्रिवेंद सिंह रावत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कोने-कोने में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों का जो जाल बिछाया गया है। उसने भारत की आधारभूत संरचना को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे इसी आधुनिक संकल्प का सबसे सशक्त उदाहरण है। इस महापरियोजना के पूर्ण होने से न केवल दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी कम होगी बल्कि यात्रा का समय भी घटकर लगभग आधा रह जाएगा। इससे आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक तीव्र, सुगम और सुरक्षित होगा, जिसका सीधा लाभ आम जनता और व्यापारियों को मिलेगा।

यह एक्सप्रेसवे केवल परिवहन का साधन मात्र नहीं है बल्कि यह संपूर्ण उत्तर भारत के लिए आर्थिक उन्नति और पर्यटन संवर्धन की नई संभावनाओं को जन्म देगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। रावत ने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक तकनीक से निर्मित यह एक्सप्रेसवे ईंधन की बचत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होगा। यह परियोजना राज्य के समग्र विकास और खुशहाली के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगी।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक प्रधानमंत्री का स्वागत और अभिनंदन करने के लिए आतुर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह एक्सप्रेसवे आने वाले समय में राज्य के दुर्गम क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस परियोजना का लोकार्पण उत्तराखंड के स्वर्णिम भविष्य की ओर बढ़ता हुआ एक निर्णायक कदम है।










