Uttarakhand Budget 2026–27: देवभूमि उत्तराखंड के आध्यात्मिक स्वरूप को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है। इनमें हरिद्वार कुंभ, हरिद्वार–ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, नंदा देवी राजजात यात्रा और सरयू रिवर फ्रंट जैसी योजनाएं प्रमुख हैं। गंगा, यमुना, चारधाम और आदि कैलाश जैसी पवित्र स्थलों की भूमि होने के कारण उत्तराखंड लंबे समय से सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदेश को धार्मिक, आध्यात्मिक पर्यटन और तीर्थाटन के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ प्रदेश की आर्थिक गति को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार पहले ही बद्रीनाथ और केदानाथ पुनर्निर्माण परियोजनाओं के साथ-साथ मानसखंड मंदिर माला योजना के तहत 48 मंदिरों के आसपास अवस्थापना विकास के कार्य शुरू कर चुकी है। अब 2026-27 के बजट में भी इस दिशा में कई नई योजनाओं के लिए धनराशि तय की गई है। बजट में हरिद्वार कुंभ मेले के आयोजन के लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा हरिद्वार–ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए पूंजीगत निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना के अंतर्गत दो हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। आगामी नंदा देवी राजजात यात्रा के आयोजन के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहले ही शीतकालीन यात्रा की शुरुआत भी कर चुकी है।
इसके साथ ही सरयू और अन्य रिवर फ्रंट परियोजनाओं के अलावा हरिपुर कालसी में यमुना घाट के निर्माण के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्प्रिचुअल इकोनॉमी जोन के लिए 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए संस्कृत पाठशालाओं के अनुदान के लिए 28 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी बजट में की गई है।









