विस्तार के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई Cabinet की पहली बैठक में ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना 2026′ को मंजूरी दी गई है। उद्योग विभाग द्वारा प्रस्तावित नई योजना को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को सप्लीमेंटरी योजना के तहत प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के 10% लक्ष्य को अग्निवीरों या पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित रखा जाएगा। यदि परिवार में पति-पत्नी दोनों ही पूर्व सैनिक या पूर्व अग्निवीर हैं, तो दोनों को लाभ देने तथा 5 प्रतिशत सब्सिडी भी दिए जाने की भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 2 लाख रुपये तक में 30 प्रतिशत, 2 से 10 लाख तक में 25 प्रतिशत तथा 10 से 25 लाख रुपये में 30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। जबकि मैदानी क्षेत्रों में 2 लाख रुपये तक में 25 प्रतिशत, 2 से 10 लाख तक में 20 प्रतिशत तथा 10 से 25 लाख रुपये में 15 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी।

कैबिनेट में पीएम सूर्य घर योजना पर भी अहम फैसला लिया गया। अब 31 मार्च 2025 तक जिनके संयंत्र लग चुके थे, उन्हें इस योजना की सब्सिडी मिलेगी। ऊर्जा विभाग की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत भारत सरकार के साथ ही राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही थी, जिसे बाद में समाप्त कर दिया गया था।
Cabinet बैठक की शुरुआत में सबसे पहले नए मंत्रियों का स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले शुभकामना संदेश के संबंध में मंत्रिमंडल को जानकारी दी। मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री के संदेश को पढ़ा। कैबिनेट बैठक में कुल 16 प्रस्ताव आए।
लोक निर्माण विभाग के एडीबी (एशियाई विकास बैंक) समर्थित पुल सुधार परियोजना उत्तराखंड के तहत ली गई कंसलटेंसी के एक करोड़ से ऊपर की धनराशि के टेंडर को मंजूरी। न्याय विभाग में न्याय कर्मचारियों को मामूली ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन मिल सकेगा। इसके तहत इंटरेस्ट रेट इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 4 प्रतिशत तथा अन्य वाहनों के लिए 5 प्रतिशत है।
गृह विभाग के अंतर्गत वर्ष 2025 में उत्तराखंड लोक और निजी संपत्ति वसूली अधिनियम बनाया गया था, जिसमें नियमावली बनाने के लिए परामर्श वाले विभागों (वित्त, न्याय और विधायिका) से परामर्श लेकर नियमावली लागू करने की मंत्रिमंडल ने अनुमति दी।
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वन विभाग ने मुख्य प्रशासनिक पद के लिए न्यूनतम सेवा 25 साल का प्रावधान था। अब कार्मिक विभाग की व्यवस्था के समान ही वन विभाग में भी प्रशासनिक पद के लिए न्यूनतम सेवा 22 वर्ष कर दी गई है।
गृह विभाग में उत्तराखंड होमगार्ड्स समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा संशोधन नियमावली के प्रख्यापन को कैबिनेट की मंजूरी। इसके तहत वर्ष 2024 में होम गार्ड्स विभाग के अंतर्गत केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में कमाडेंट का पद सृजित किया गया था, जिसकी नियमावली न बनने के कारण प्रमोशन बाधित हो रहे थे।
गृह विभाग के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद डिजिटाइजेशन की व्यवस्था और कम्प्यूटर आधारित अन्वेषण की व्यवस्था की गई थी, इसके तहत पुलिस कार्मिकों को कई तरह की ट्रेनिंग दिए जाने हेतु हेतु भारत सरकार की सेवा प्रदाता संस्था ‘नेशनल इंस्ट्यूट फॉर इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी’ (आईटी विभाग के अंतर्गत) विशेषज्ञों की नियुक्ति का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।
कार्मिक विभाग में वर्दीधारी सिपाही पदों और वर्दीधारी उप निरीक्षक पदों (पुलिस, पीएससी, आईआईआरबी, प्लाटून कमांडर, अग्निशमन अधिकारी, वन दरोगा) की सीधी भर्ती के लिए वर्ष 2023 में एकीकृत नियमावली बनाई गई थी, जिसके तहत कुछ पदों के लिए आयु सीमा और हाइट बढ़ी-घटी थी। इस संबंध में आगामी तीन वर्ष तक पूर्व की नियमावली की व्यवस्था बनाए रखने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
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राज्य सरकार ने रबी सत्र 2026-27 में गेहूं की खरीद के लिए भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इसके तहत राजकीय किसानों से 2.2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य भी रखा गया है। साथ ही भारत सरकार द्वारा रबी और खरीफ सीजन के लिए अनुमन्य मंडी शुल्क 2% से ज्यादा नहीं लेने को भी मंजूरी दी है।
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2023 की धारा 36 के प्रावधानानुसार स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्याालय, देहरादून से संबंधित या उससे अनुषांगित विषयों का उपबंध एवं नियमन करने के लिए परिनियम के प्रख्यापन को कैबिनेट की मंजूरी।
माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत हाईकोर्ट द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार एडेड स्कूल बनने से पूर्व शिक्षकों की सेवा को प्रोन्नति के लिए मान्य करने को लेकर उप समिति बनने का अनुमोदन किया गया है।
नियोजन विभाग के तहत राज्य योजना आयोग के स्थान पर सेतु आयोग के गठन, उसके कार्यक्षेत्र एवं संगठनात्मक ढांचा निर्माण की कैबिनेट ने अनुमति दे दी है।
उत्तराखंड की पंचम विधान सभा सत्र 2026 के सत्रावसान का मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन किया गया।










