दशकों तक अपने अभिनय से लोगों के दिलों पर राज करने वाले हीमैन यानी धर्मेंद्र हमारे बीच नहीं रहे। सोमवार को उनका निधन हो गया। उम्र संबंधी बीमारियों के कारण कुछ दिन पहले वह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती भी रहे थे। सोमवार की सुबह जब अभिनेता के घर एंबुलेंस आने लगी तो लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। बड़ी संख्या में प्रशंसक उनके घर के बाहर जुटने लगे। करण जौहर ने एक पोस्ट के माध्यम से धर्मेंद्र के निधन की सूचना दी। इसके बाद बॉलीवुड समेत तमाम क्षेत्रों के दिग्गज उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे। उनके निधन की सूचना से पूरा पंजाब गमगीन है। धर्मेंद्र के गांव साहनेवाल में लोग गमजदा हैं। सनी देओल ने अपने पिता धर्मेंद्र को मुखाग्नि दी।

करण जौहर ने लिखा भावुक पोस्ट
निर्माता करण जौहर ने धर्मेंद्र के निधन की पुष्टि करते हुए इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने हीमैन को श्रद्धांजलि दी है। करण ने लिखा है, ‘यह एक युग का अंत है… एक बहुत बड़ा मेगा स्टार… मुख्यधारा के सिनेमा में एक हीरो का अवतार… अविश्वसनीय रूप से खूबसूरत और सबसे रहस्यमय स्क्रीन उपस्थिति… वह भारतीय सिनेमा के एक वास्तविक लीजेंड हैं और हमेशा रहेंगे… सिनेमा के इतिहास के पन्नों में परिभाषित और समृद्ध रूप से मौजूद हैं… लेकिन सबसे ज्यादा वह सबसे अच्छे इंसान थे… हमारी इंडस्ट्री में हर कोई उन्हें बहुत प्यार करता था… उनके पास सभी के लिए केवल अथाह प्यार और सकारात्मकता थी। आज हमारी इंडस्ट्री में एक बड़ा खालीपन है.। एक ऐसा स्थान जिसे कभी कोई नहीं भर सकता, हमेशा एकमात्र धरमजी रहेंगे। हम आपको बहुत याद करेंगे। आज स्वर्ग धन्य है। आपके साथ काम करना हमेशा मेरे लिए आशीर्वाद रहेगा।
450 करोड़ रुपये के मालिक थे धर्मेंद्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मेंद्र 450 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक थे। उन्होंने अपने लंबे करियर में करीब 300 फिल्मों में काम किया और 450 करोड़ रुपये से अधिक का अंपायर खड़ा किया। इसके अलावा उन्होंने रेस्टोरेंट बिजनेस, हॉस्पिटल और अन्य क्षेत्रों में निवेश किया था। उनका मशहूर रेस्टोरेंट ‘गरम धरम’ और करनाल हाइवे पर स्थित ‘हीमैन’ रेस्टोरेंट उनकी बिजनेस की समझ के उदाहरण हैं।
फगवाड़ा में गुजरा था बचपन

धर्मेंद्र का जन्म लुधियाना के पास साहनेवाल में हुआ था। उनका बचपन फगवाड़ा में बीता। उनके पिता मास्टर केवल कृष्ण चौधरी आर्य हाई स्कूल में गणित और सामाजिक अध्ययन पढ़ाते थे। धर्मेंद्र ने 1950 में यहीं से मैट्रिक की। 1952 तक रामगढ़िया कॉलेज में आगे की पढ़ाई की और फिर एक सपने के साथ मुंबई चले गए। आर्य हाई स्कूल में उनके सहपाठी, वरिष्ठ एडवोकेट एस.एन चोपड़ा ने बताया कि धर्मेंद्र मृदुभाषी, विनम्र और हमेशा मुस्कुराते रहते थे। उनमें एक खास चमक थी। प्रसिद्धि ने उनकी विनम्रता को कभी नहीं बदला। हरजीत सिंह परमार ने कहा कि जब भी वह आते, तो हमारे साथ बैठना, पुरानी बातें करना, मजाक करना और पुरानी यादें ताजा करना चाहते थे। वह कभी किसी स्टार की तरह नहीं आए, वह हमारे दोस्त की तरह आए।
आखिरी फिल्म होगी इक्कीस
89 साल की उम्र में भी धर्मेंद्र एक्टिंग में सक्रिय थे। अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की आगामी फिल्म ‘इक्कीस’ इस दिग्गज अभिनेता की आखिरी फिल्म होगी। फिल्म ‘इक्कीस’ की कहानी एक यंग आर्मी ऑफिसर अरुण खेतरपाल की है। महज 21 साल की उम्र में देश के लिए इस सैन्य अधिकारी ने बलिदान दिया था। फिल्म में अभिनेता धर्मेंद्र ने आर्मी ऑफिसर के पिता का किरदार निभाया। वहीं अरुण खेतरपाल के रोल में अगस्त्य नंदा नजर आएंगे। यह फिल्म 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली है।








