उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए संवेदनशील इलाकों की मैपिंग की जाएगी। मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 22वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ आम जनमानस के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में मुख्यमंत्री ने संघर्ष प्रभावित परिवारों के लिए अनुग्रह राशि को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने के निर्णय पर मुहर लगाई।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि वे संयुक्त रूप से निगरानी व्यवस्था को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि गुलदार, बाघ, हाथी और भालू जैसे वन्यजीवों के सक्रिय क्षेत्रों में अब केवल पारंपरिक गश्त से काम नहीं चलेगा। वहां डिजिटल निगरानी और अर्ली वार्निंग सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय किया जाए ताकि वन्यजीवों की मौजूदगी की सूचना समय रहते ग्रामीणों को मिल सके। बैठक में संवेदनशील जिलों, ब्लॉकों और गांवों की तत्काल हॉट-स्पॉट मैपिंग करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पैदल रास्तों और जलस्रोतों के पास सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएं ताकि बच्चों और महिलाओं को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सके।
सुरक्षा के लिए फेंसिंग और वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर

गांवों में जंगली जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए धामी सरकार ने मल्टी लेयर फेंसिंग की योजना तैयार की है। इसके तहत प्रभावित क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग बायो-फेंसिंग और हनी-बी फेंसिंग का अनिवार्य रूप से विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के पास जमा होने वाले कूड़े के कारण भालू और अन्य हिंसक जानवर आबादी की ओर खिंचे चले आते हैं। इसके समाधान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित कुल 9 प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई। इनमें जनपद रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य की 4 विविध पेयजल योजनाएं और 2 पेयजल योजनाएं, राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र से जुड़ी 2 मोटरमार्ग योजनाएं तथा रामनगर वन प्रभाग से संबंधित एक ऑप्टिकल फाइबर प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा संरक्षित क्षेत्रों की 10 किलोमीटर परिधि में उपखनिज चुगान से जुड़े 22 प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के विचारार्थ संदर्भित किए जाने का निर्णय लिया गया।








