INDIA AI IMPACT SUMMIT : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि समाधान देने वाला वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इंडिया एआई इंपैक्ट एक्सपो का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट किया कि एआई का विकास भारत में मानव-केंद्रित, समावेशी और जिम्मेदार तरीके से किया जाएगा ताकि इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया एआई क्रांति के दौर से गुजर रही है और भारत इस परिवर्तन का सक्रिय भागीदार है। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति, तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर भारत को एआई महाशक्ति बनाने की क्षमता रखते हैं। भारत ने डिजिटल भुगतान आधार और यूपीआई जैसे प्लेटफॉर्म के जरिये तकनीक के लोकतंत्रीकरण का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है और अब एआई के क्षेत्र में भी इसी मॉडल को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत का एआई बाजार 68 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वर्तमान में देश में 600 से अधिक एआई स्टार्टअप सक्रिय हैं जो स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, वित्तीय सेवाओं और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में नवाचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि 1.4 लाख से अधिक युवाओं को एआई और उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे देश में कुशल मानव संसाधन तैयार हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने इंडिया एआई मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार अत्याधुनिक कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, डेटा सेट्स को सुलभ बनाने, अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहन देने और स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करने पर काम कर रही है। मिशन का उद्देश्य देश में एआई से जुड़ा संपूर्ण इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें उद्योग, अकादमिक संस्थान और नीति-निर्माता मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि भारत एआई के नैतिक और सुरक्षित उपयोग को लेकर भी प्रतिबद्ध है। एआई के विकास में पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है न कि उसे प्रतिस्थापित करना। उन्होंने कहा कि एआई रोजगार छीनने के बजाय नए अवसर पैदा करेगा और उत्पादकता को बढ़ाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं और स्टार्टअप संस्थापकों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में एआई आधारित रोबोटिक्स, हेल्थकेयर सॉल्यूशंस, स्मार्ट एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी और शिक्षा से जुड़े नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री ने स्टॉल्स का अवलोकन कर युवाओं और नवाचारकर्ताओं से संवाद भी किया। इस अवसर पर सरकार की ओर से एआई कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की घोषणा की गई। स्कूली और उच्च शिक्षा स्तर पर एआई पाठ्यक्रमों को शामिल करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा, अनुसंधान संस्थानों को सुपरकंप्यूटिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने और भारतीय भाषाओं में एआई मॉडल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की विशाल डेटा क्षमता, आईटी क्षेत्र में अनुभव और युवा जनसंख्या एआई क्षेत्र में देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जा सकती है। यदि नीति और नवाचार के बीच संतुलन बना रहा तो भारत आने वाले वर्षों में एआई समाधान निर्यात करने वाला प्रमुख देश बन सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत का लक्ष्य केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ एआई का उपयोग करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की एआई पहल न केवल देश की आर्थिक प्रगति को गति देगी, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बढ़त बनाने का अवसर
इस अवसर पर मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा, एआई भारत के लिए उत्पादकता बढ़ाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करने का बड़ा अवसर है। लेकिन इसके साथ हमें कौशल विकास और नैतिक ढांचे को भी समानांतर रूप से मजबूत करना होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, इंडिया एआई मिशन के तहत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा एक्सेस और रिसर्च इकोसिस्टम को सशक्त बनाया जा रहा है। हमारा लक्ष्य देश में एआई नवाचार के लिए विश्वस्तरीय प्लेटफॉर्म तैयार करना है। एक प्रमुख टेक उद्योग प्रतिनिधि और स्टार्टअप संस्थापक ने कहा, भारत में एआई को लेकर जो ऊर्जा और संभावनाएं हैं, वह अद्वितीय हैं। सरकार के सहयोग से स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक विशेषज्ञ ने कहा, स्कूल और विश्वविद्यालय स्तर पर एआई शिक्षा को शामिल करना समय की आवश्यकता है। इससे आने वाली पीढ़ी भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार होगी। कार्यक्रम में विभिन्न एआई आधारित उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए युवाओं और नवाचारकर्ताओं से संवाद किया। हेल्थकेयर, कृषि, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े समाधानों को विशेष सराहना मिली।








