प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के 130वें एपिसोड में कहा कि श्रीअन्न यानी मिलेट्स को लेकर देश और दुनिया में उत्साह लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किए जाने के तीन साल बाद भी मिलेट्स के प्रति लोगों का लगाव और समर्पण बेहद उत्साहित करने वाला है। यह केवल एक खाद्य प्रवृत्ति नहीं, बल्कि पोषण, कृषि और आजीविका से जुड़ा व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीअन्न से किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मिलेट्स पोषण से भरपूर होते हैं और विशेषकर सर्दियों के मौसम में इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां पेरीयपालायम श्रीअन्न किसान उत्पादक कंपनी (FPC) से करीब 800 महिला किसान जुड़ी हुई हैं। इन महिलाओं ने मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर श्रीअन्न से बने उत्पादों को सीधे बाजार तक पहुंचाना शुरू किया है जिससे उन्हें बेहतर मूल्य मिल रहा है और आत्मनिर्भरता भी बढ़ी है।
इसके अलावा पीएम ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया अभियान ने बीते 10 वर्षों में भारत को नवाचार और उद्यमिता की वैश्विक शक्ति बना दिया है। वर्ष 2016 में शुरू हुई यह पहल आज भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बना चुकी है। प्रधानमंत्री ने एआई, स्पेस टेक्नोलॉजी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के नवाचार को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब चलता है वाला रवैया बीते दौर की बात हो चुका है और भारतीय उत्पादों की पहचान उनकी श्रेष्ठ गुणवत्ता से होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा उद्यमी न केवल नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक समस्याओं के समाधान भी प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने स्टार्टअप्स और निर्माताओं से आग्रह किया कि वे गुणवत्ता को अपना मूल मंत्र बनाएं, क्योंकि आने वाले समय में यही भारत की अंतरराष्ट्रीय साख तय करेगी।
पीएम ने कहा कि फरवरी में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट होने जा रही है। इसमें तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह सम्मेलन भारत की प्रगति और उसकी उपलब्धियों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पीएम ने कहा, मई महीने पर इस सम्मेलन के बारे में विस्तार से चर्चा करूंगा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या और राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए मतदाता बनने को जीवन का एक महत्वपूर्ण उत्सव बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मतदाता बनना केवल एक कानूनी औपचारिकता नहीं बल्कि नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस तरह जन्मदिन मनाया जाता है, उसी तरह पहली बार मतदाता बनने पर युवाओं का सामाजिक स्तर पर स्वागत किया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई युवा पहली बार वोटर बनता है तो पूरा मोहल्ला, गांव या शहर मिलकर इस उपलब्धि का उत्सव मनाए। इससे न केवल मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरा जुड़ाव भी पैदा होगा।

सांस्कृतिक बदलावों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे भजन क्लबिंग ट्रेंड की सराहना की। उन्होंने कहा कि जेन-जी पीढ़ी भक्ति को आधुनिक अनुभवों के साथ जोड़ रही है। म्यूजिक कंसर्ट की शैली में रोशनी और संगीत के साथ भजन गाना भारतीय संस्कृति का नया और सकारात्मक स्वरूप है, जो परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु का काम कर रहा है। जनभागीदारी की शक्ति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनरुद्धार और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जल संरक्षण से जुड़े अनंत नीरू प्रोजेक्ट की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब समाज स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेता है, तभी स्थायी परिवर्तन संभव होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि चाहे स्टार्टअप हो, लोकतंत्र हो या पर्यावरण संरक्षण देश की असली ताकत जनभागीदारी और सामूहिक इच्छाशक्ति में निहित है, और यही भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाएगी।
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