Uttarakhand : गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि संचार विभाग द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वित्तपोषण से संचालित जनजातीय उप योजना (टीएसपी) के अंतर्गत दुग्ध आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों के विकास एवं उनके विपणन के माध्यम से जनजातीय महिलाओं का सशक्तिकरण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 13-14 फरवरी को आयोजित इस कार्यक्रम में ब्लॉक गदरपुर के ग्राम खटोला की अनुसूचित जनजाति की महिलाओं ने भाग लिया। उद्घाटन निदेशक प्रसार शिक्षा डा. जितेन्द्र क्वात्रा ने किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना समय की आवश्यकता है। गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन और मूल्य संवर्धन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल ने पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रभावी विपणन रणनीतियों पर जोर दिया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. एएस जीना ने कौशल विकास को आत्मनिर्भरता का आधार बताया। प्रोफेसर डॉ. निर्मला भट्ट ने दुग्ध उत्पादों में वैल्यू एडिशन से आय वृद्धि की संभावनाएं बताईं। डॉ. अजय प्रभाकर ने वैज्ञानिक पशुपालन एवं संतुलित चारे के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. सुनील कुमार ने पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और स्वच्छता को आवश्यक बताया। प्रधान अन्वेषक डॉ. अर्पिता शर्मा कंडपाल ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी ज्ञान व विपणन कौशल से सशक्त बनाना है ताकि वे गांव स्तर पर दुग्ध आधारित उद्यम स्थापित कर सकें। समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सामग्री एवं आवश्यक इनपुट वितरित किए गए।








