Uttarakhand में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए धामी सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। 48 घंटे के भीतर दो हत्याकांडों के बाद देहरादून के एसएसपी अजय सिंह को हटाते हुए उनकी जगह प्रमेन्द्र डोबाल को कमान सौंपी गई है। इसके साथ ही आठ जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपराधियों में कानून का भय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस व्यवस्था में तुरंत बदलाव के निर्देश दिए।
राजधानी देहरादून में हुए दो सनसनीखेज हत्याकांडों के बाद एसएसपी अजय सिंह (आईपीएस अधिकारी, उत्तराखंड) को पद से हटाया गया। उनकी जगह हरिद्वार के एसएसपी रहे प्रमेन्द्र डोबाल (आईपीएस अधिकारी) को देहरादून का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसी क्रम में आठ जिलों में नए पुलिस कप्तानों की नियुक्ति की गई है। जिन जिलों में बदलाव किए गए हैं, वहां नए अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन का मानना है कि त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से पुलिस तंत्र में जवाबदेही बढ़ेगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में अपराध और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठकें करने और जमीनी स्तर पर पुलिसिंग मजबूत करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार का दावा है कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। वहीं उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को सतर्क रहने और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। पुलिस महकमे में इस व्यापक फेरबदल को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।
हत्याओं से दहल उठी देवभूमि
उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था पर सवाल इसलिए खड़े हुए क्योंकि राजधानी देहरादून में 48 घंटे के भीतर दो बड़ी हत्याएं हुईं। पहला मामला गैंगस्टर विक्रम शर्मा की दिनदहाड़े हत्या का है। हमलावरों ने सरेआम गोलियां बरसाकर वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। जांच में सामने आया कि हत्या में इस्तेमाल बाइक और स्कूटी हरिद्वार से किराये पर ली गई थीं। दोनों वाहनों के लिए एक ही आधार कार्ड जमा कराया गया था। इससे साफ है कि वारदात पूरी तरह से प्लानिंग के साथ की गई थी। दूसरी घटना में अर्जुन नामक युवक की हत्या ने शहर को फिर झकझोर दिया। तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा गुंजन हत्याकांड भी सुर्खियों में है।








