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    Home»दुनिया भर की»यूं ही कोई Ratan Tata नहीं बन जाता, रसोई से लेकर आसमान तक पैठ
    दुनिया भर की

    यूं ही कोई Ratan Tata नहीं बन जाता, रसोई से लेकर आसमान तक पैठ

    टाटा समूह की स्थापना रतन टाटा के परदादा जमशेद जी टाटा ने 1868 में मुंबई में की थी। रतन टाटा को 21 साल की उम्र में ऑटो से लेकर स्टील तक के कारोबार से जुड़े समूह, टाटा समूह का चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया था और उन्होंने 2012 तक समूह का नेतृत्व किया।
    teerandajBy teerandajOctober 9, 2024Updated:October 10, 2024No Comments
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    अमूमन देश में उद्योगपतियों को लेकर बहुत अच्छी राय नहीं रहती है। Ratan Tata इस मामले में अपवाद हैं। बुजुर्ग से लेकर बच्चों तक से पूछिए तो पता चलता है कि उनकी पैठ भारतीय परिवारों में कितनी गहरी है। रसोई घर में नमक हो या टाटा एयरलाइंस यानी कह सकते हैं कि हर जगह उनकी पैठ थी। देश पर जब भी कोई मुसीबत आई वह सबसे पहले आगे आए। कोरोना काल में उन्होंने सरकार को 1500 करोड़ रुपये दान किए थे। इसके अलावा भी उन्होंने कई मौकों पर सामाजिक कार्य किए थे।

    कौन होगा उत्तराधिकारी

    रतन टाटा के निधन के बाद उनका उत्तराधिकारी कौन होगा? यह सवाल सभी के दिमाग में कौंध रहा है। हालांकि, रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। बतादें कि नवल टाटा की दूसरी पत्नी सिमोन से जन्मे नोएल टाटा रतन टाटा के सौतेले भाई हैं।

    रतन टाटा कारोबार जगत और समाजसेवा दोनों में मिसाल रहे हैं। बड़ी संपत्ति होने के बावजूद वे अपनी साधारण जीवनशैली और टाटा ट्रस्ट के जरिये परोपकारी कार्यों के लिए चर्चा में रहे। सवाल उठ रहा है कि 33.7 ट्रिलियन डॉलर के टाटा के सम्राज्य की कमान कौन संभालेगा? हालांकि, उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए उनके तीन बच्चों में से किसी एक पर भी जिम्मेदारी दी जा सकती है। नोएल टाटा के तीन बच्चों में माया टाटा, नेविल टाटा और लिया टाटा शामिल हैं। इनके अलावा, रतन टाटा के एक छोटे सगे भाई भी हैं जिम्मी टाटा। जो हमेशा सुर्खियों और टाटा समूह की गतिविधियों से दूर रहते हैं।

    यह भी पढ़ें – एक युग का अवसान… नहीं रहे ‘देश के रत्न’ Ratan Tata

    नोएल के तीनों बच्चों पर फिलहाल कौन सी जिम्मेदारी?

    34 वर्षीय माया टाटा समूह के भीतर महत्वपूर्ण प्रगति कर रही हैं। बेयज बिजनेस स्कूल और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉरविक से पढ़ीं माया ने टाटा अपॉर्चुनिटीज फंड और टाटा डिजिटल में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। टाटा न्यू ऐप को लॉन्च करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। यह उनकी रणनीतिक कुशाग्रता और नजरिये को दिखाता है। 32 साल के नेविल टाटा पारिवारिक व्यवसाय में गहराई से शामिल हैं।

    भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति श्री रतन टाटा जी के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। उन्होंने देश की औद्योगिक प्रगति और सामाजिक विकास के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनका दृष्टिकोण, समर्पण और व्यावसायिक कुशलता न केवल टाटा समूह को नई ऊँचाइयों तक ले गई, बल्कि राष्ट्र के… pic.twitter.com/kVXPWxy2bh

    — Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 9, 2024

    जवानी के दिनों में रतन टाटा।

     

    यह भी पढ़ें – आखिर क्यों कुंवारे रह गए Ratan Tata!

    फिल्म निर्माण की दुनिया में रखे थे कदम

    रतन टाटा ने साल 2004 में फिल्म प्रोडक्शन में कदम रखा। उन्होंने साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ‘ऐतबार’ का निर्माण किया। इसमें अमिताभ बच्चन मुख्य रोल में नजर आए। रतन टाटा ने फिल्म ‘ऐतबार’ का निर्माण टाटा इन्फोमीडिया के बैनर तले किया था। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। बताया जाता है कि ‘ऐतबार’ फिल्म वर्ष 1996 में आई अमेरिकन मूवी ‘फियर’ से प्रेरित थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 9.50 करोड़ रुपये था। वहीं, बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 4.25 करोड़ रुपये का लाइफटाइम कलेक्शन किया था। इस फिल्म के बाद रतन टाटा ने किसी फिल्म का निर्माण नहीं किया। इस तरह ‘ऐतबार’ रतन टाटा द्वारा निर्मित पहली और आखिरी फिल्म साबित हुई।

    Ford Nano Tata Group Tata Sons रतन टाटा
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