Close Menu
तीरंदाज़तीरंदाज़
    https://teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/08/Vertical_V1_MDDA-Housing.mp4
    अतुल्य उत्तराखंड


    सभी पत्रिका पढ़ें »

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Pinterest Dribbble Tumblr LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram Snapchat RSS
    अराउंड उत्तराखंड
    • कंडी मोटर मार्ग और लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर फैसला जल्दः Anil Baluni
    • Dhami Cabinet विस्तार का काउंटडाउन शुरू? पूर्व मंत्रियों को तत्काल मंत्री आवास खाली करने को कहा गया, देखें पत्र
    • Uttarakhand : परिवीक्षा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को स्थायी करने का निर्देश जारी
    • Uttarakhand : स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम धामी, कार्यों का लिया जायजा
    • Uttarakhand : पौड़ी आपदा से प्रभावित लोगों को भी धराली-थराली की तर्ज पर दी जाएगी मदद
    • दुकानों पर स्वदेशी नाम पट्टिका जरूर लगाएं : CM Dhami
    • Uttarakhand : कई योजनाओं के लिए जारी की गई धनराशि
    • हम उन्हें बार-बार चेताएंगे, यह हमारा फर्ज है : त्रिवेंद्र सिंह रावत
    • लेखक गांव : योग-पर्यटन और साहित्य प्रेमियों के लिए एक अद्वितीय केंद्र: त्रिवेंद्र सिंह रावत
    • थराली आपदा : प्रभावित लोगों से मिले सीएम धामी, व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram LinkedIn
    Friday, August 29
    तीरंदाज़तीरंदाज़
    • होम
    • स्पेशल
    • PURE पॉलिटिक्स
    • बातों-बातों में
    • दुनिया भर की
    • ओपिनियन
    • तीरंदाज LIVE
    तीरंदाज़तीरंदाज़
    Home»दुनिया भर की»यूं ही कोई Ratan Tata नहीं बन जाता, रसोई से लेकर आसमान तक पैठ
    दुनिया भर की

    यूं ही कोई Ratan Tata नहीं बन जाता, रसोई से लेकर आसमान तक पैठ

    टाटा समूह की स्थापना रतन टाटा के परदादा जमशेद जी टाटा ने 1868 में मुंबई में की थी। रतन टाटा को 21 साल की उम्र में ऑटो से लेकर स्टील तक के कारोबार से जुड़े समूह, टाटा समूह का चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया था और उन्होंने 2012 तक समूह का नेतृत्व किया।
    teerandajBy teerandajOctober 9, 2024Updated:October 10, 2024No Comments
    Share now Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn
    Share now
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn

    अमूमन देश में उद्योगपतियों को लेकर बहुत अच्छी राय नहीं रहती है। Ratan Tata इस मामले में अपवाद हैं। बुजुर्ग से लेकर बच्चों तक से पूछिए तो पता चलता है कि उनकी पैठ भारतीय परिवारों में कितनी गहरी है। रसोई घर में नमक हो या टाटा एयरलाइंस यानी कह सकते हैं कि हर जगह उनकी पैठ थी। देश पर जब भी कोई मुसीबत आई वह सबसे पहले आगे आए। कोरोना काल में उन्होंने सरकार को 1500 करोड़ रुपये दान किए थे। इसके अलावा भी उन्होंने कई मौकों पर सामाजिक कार्य किए थे।

    कौन होगा उत्तराधिकारी

    रतन टाटा के निधन के बाद उनका उत्तराधिकारी कौन होगा? यह सवाल सभी के दिमाग में कौंध रहा है। हालांकि, रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। बतादें कि नवल टाटा की दूसरी पत्नी सिमोन से जन्मे नोएल टाटा रतन टाटा के सौतेले भाई हैं।

    रतन टाटा कारोबार जगत और समाजसेवा दोनों में मिसाल रहे हैं। बड़ी संपत्ति होने के बावजूद वे अपनी साधारण जीवनशैली और टाटा ट्रस्ट के जरिये परोपकारी कार्यों के लिए चर्चा में रहे। सवाल उठ रहा है कि 33.7 ट्रिलियन डॉलर के टाटा के सम्राज्य की कमान कौन संभालेगा? हालांकि, उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए उनके तीन बच्चों में से किसी एक पर भी जिम्मेदारी दी जा सकती है। नोएल टाटा के तीन बच्चों में माया टाटा, नेविल टाटा और लिया टाटा शामिल हैं। इनके अलावा, रतन टाटा के एक छोटे सगे भाई भी हैं जिम्मी टाटा। जो हमेशा सुर्खियों और टाटा समूह की गतिविधियों से दूर रहते हैं।

    यह भी पढ़ें – एक युग का अवसान… नहीं रहे ‘देश के रत्न’ Ratan Tata

    नोएल के तीनों बच्चों पर फिलहाल कौन सी जिम्मेदारी?

    34 वर्षीय माया टाटा समूह के भीतर महत्वपूर्ण प्रगति कर रही हैं। बेयज बिजनेस स्कूल और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉरविक से पढ़ीं माया ने टाटा अपॉर्चुनिटीज फंड और टाटा डिजिटल में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। टाटा न्यू ऐप को लॉन्च करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। यह उनकी रणनीतिक कुशाग्रता और नजरिये को दिखाता है। 32 साल के नेविल टाटा पारिवारिक व्यवसाय में गहराई से शामिल हैं।

    भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति श्री रतन टाटा जी के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। उन्होंने देश की औद्योगिक प्रगति और सामाजिक विकास के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनका दृष्टिकोण, समर्पण और व्यावसायिक कुशलता न केवल टाटा समूह को नई ऊँचाइयों तक ले गई, बल्कि राष्ट्र के… pic.twitter.com/kVXPWxy2bh

    — Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 9, 2024

    जवानी के दिनों में रतन टाटा।

     

    यह भी पढ़ें – आखिर क्यों कुंवारे रह गए Ratan Tata!

    फिल्म निर्माण की दुनिया में रखे थे कदम

    रतन टाटा ने साल 2004 में फिल्म प्रोडक्शन में कदम रखा। उन्होंने साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ‘ऐतबार’ का निर्माण किया। इसमें अमिताभ बच्चन मुख्य रोल में नजर आए। रतन टाटा ने फिल्म ‘ऐतबार’ का निर्माण टाटा इन्फोमीडिया के बैनर तले किया था। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। बताया जाता है कि ‘ऐतबार’ फिल्म वर्ष 1996 में आई अमेरिकन मूवी ‘फियर’ से प्रेरित थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 9.50 करोड़ रुपये था। वहीं, बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 4.25 करोड़ रुपये का लाइफटाइम कलेक्शन किया था। इस फिल्म के बाद रतन टाटा ने किसी फिल्म का निर्माण नहीं किया। इस तरह ‘ऐतबार’ रतन टाटा द्वारा निर्मित पहली और आखिरी फिल्म साबित हुई।

    Ford Nano Tata Group Tata Sons रतन टाटा
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Pinterest Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram Follow on LinkedIn
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn
    teerandaj
    • Website

    Related Posts

    क्रिकेट और वॉलीबॉल के शौकीन हैं संभावित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

    August 18, 2025 दुनिया भर की By teerandaj4 Mins Read3
    Read More

    पहली नौकरी पाने पर सरकार देगी 15 हजार रुपये, जानिए क्या है… PM Viksit Bharat Rojgar Yojana

    August 15, 2025 दुनिया भर की By teerandaj4 Mins Read4K
    Read More

    दुश्मनों की हर नापाक कोशिश नाकाम करेगा भारत का सुदर्शन चक्र

    August 15, 2025 दुनिया भर की By teerandaj5 Mins Read5K
    Read More
    Leave A Reply Cancel Reply

    https://teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/08/Vertical_V1_MDDA-Housing.mp4
    अतुल्य उत्तराखंड


    सभी पत्रिका पढ़ें »

    Top Posts

    Uttarakhand Election :चमोली में पूर्व फौजी ने किया बड़ा उलटफेर, भाजपा के कई दिग्गज औंधे मुंह गिरे

    August 1, 202517K

    Independence Day Special: …2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

    August 15, 202513K

    Delhi Election Result… दिल्ली में 27 साल बाद खिला कमल, केजरीवाल-मनीष सिसोदिया हारे

    February 8, 202513K

    Uttarakhand की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का माध्यम बन रही है मातृशक्ति

    August 4, 202513K
    हमारे बारे में

    पहाड़ों से पहाड़ों की बात। मीडिया के परिवर्तनकारी दौर में जमीनी हकीकत को उसके वास्तविक स्वरूप में सामने रखना एक चुनौती है। लेकिन तीरंदाज.कॉम इस प्रयास के साथ सामने आया है कि हम जमीनी कहानियों को सामने लाएंगे। पहाड़ों पर रहकर पहाड़ों की बात करेंगे. पहाड़ों की चुनौतियों, समस्याओं को जनता के सामने रखने का प्रयास करेंगे। उत्तराखंड में सबकुछ गलत ही हो रहा है, हम ऐसा नहीं मानते, हम वो सब भी दिखाएंगे जो एकल, सामूहिक प्रयासों से बेहतर हो रहा है। यह प्रयास उत्तराखंड की सही तस्वीर सामने रखने का है।

    एक्सक्लूसिव

    Dhami Cabinet विस्तार का काउंटडाउन शुरू? पूर्व मंत्रियों को तत्काल मंत्री आवास खाली करने को कहा गया, देखें पत्र

    August 27, 2025

    Dehradun Basmati Rice: कंकरीट के जंगल में खो गया वजूद!

    July 15, 2025

    EXCLUSIVE: Munsiyari के जिस रेडियो प्रोजेक्ट का पीएम मोदी ने किया शिलान्यास, उसमें हो रहा ‘खेल’ !

    November 14, 2024
    एडीटर स्पेशल

    Independence Day Special: …2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

    August 15, 202513K

    Uttarakhand : ये गुलाब कहां का है ?

    February 5, 202512K

    Digital Arrest : ठगी का हाईटेक जाल… यहां समझिए A TO Z और बचने के उपाय

    November 16, 20249K
    तीरंदाज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
    • होम
    • स्पेशल
    • PURE पॉलिटिक्स
    • बातों-बातों में
    • दुनिया भर की
    • ओपिनियन
    • तीरंदाज LIVE
    • About Us
    • Atuly Uttaraakhand Emagazine
    • Terms and Conditions
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    © 2025 Teerandaj All rights reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.