Close Menu
तीरंदाज़तीरंदाज़
    https://www.teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/08/Vertical_V1_MDDA-Housing.mp4
    https://www.teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/12/MDDA_Final-Vertical_2.mp4
    अतुल्य उत्तराखंड


    सभी पत्रिका पढ़ें »

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Pinterest Dribbble Tumblr LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram Snapchat RSS
    अराउंड उत्तराखंड
    • जब युवा मजदूर को ठेकेदार ने नहीं दी छुट्टी तो जंगल में दहाड़ उठा AI वाला शेर
    • जैव विविधता में Uttarakhand की धाक…नैनीताल में मिली फलमक्खी की दुर्लभ प्रजाति
    • अंकिता भंडारी हत्याकांड की होगी सीबीआई जांच
    • हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 : आस्था पथ होगा आकर्षण का केंद्र
    • मानव वन्यजीव संघर्ष : संवेदनशील इलाकों की होगी मैपिंग
    • काटना ही नहीं… पीछा करना भी गंभीर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा-हादसों की वजह बन रहे कुत्ते
    • अंकिता भंडारी हत्याकांड की हो सकती है सीबीआई जांच
    • डिजिटल पुलिसिंग में Uttarakhand का दबदबा…ICJS 2.0 रैंकिंग में देश भर में प्रथम स्थान
    • शराब के साथ तंबाकू…Mouth Cancer के लिए 62 फीसदी जिम्मेदार
    • Uttarakhand : हिमालयी सीमाओं की सुरक्षा के लिए सैन्य-नागरिक समाज के समन्वय पर जोर
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram LinkedIn
    Sunday, January 11
    तीरंदाज़तीरंदाज़
    • होम
    • स्पेशल
    • PURE पॉलिटिक्स
    • बातों-बातों में
    • दुनिया भर की
    • ओपिनियन
    • तीरंदाज LIVE
    तीरंदाज़तीरंदाज़
    Home»दुनिया भर की»शोध … दुनिया भर में बढ़ रही मिर्गी रोगियों की संख्या, 30 सालों में 11 फीसदी बढ़े
    दुनिया भर की

    शोध … दुनिया भर में बढ़ रही मिर्गी रोगियों की संख्या, 30 सालों में 11 फीसदी बढ़े

    अंतरराष्ट्रीय जर्नल द लैंसेट पब्लिक हेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक, 1990 से 2021 के बीच मिर्गी से पीड़ित लोगों की संख्या में 10.8 फीसदी की वृद्धि हुई है। शोधकर्ताओं के मुताबिक इसके पीछे की एक वजह मिर्गी के मामलों की बेहतर पहचान भी है।
    teerandajBy teerandajMarch 1, 2025No Comments
    Share now Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn
    Share now
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn

    शोध … मिर्गी यानी एपिलेप्सी से पीड़ित मरीजों की संख्या दुनिया भर में बढ़ रही है। यह दुनिया का चौथा सबसे आम तंत्रिका संबंधी विकार है। यह आमतौर पर नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। हाल ही आए अध्ययन के मुताबिक, दुनिया में 5.2 करोड़ लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। यह अध्ययन अंतरराष्ट्रीय जर्नल द लैंसेट पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित हुई है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज, इंजरीज एंड रिस्क फैक्टर्स स्टडी 2021 (जीबीडी) पर आधारित इस अध्ययन के मुताबिक 1990 से 2021 के बीच मिर्गी से पीड़ित लोगों की संख्या में 10.8 फीसदी की वृद्धि हुई है।

    गरीब देशों पर ज्यादा मार
    खास बात यह है कि मिर्गी रोगियों की संख्या अमीर देशों के मुकाबले गरीब देशों में ज्यादा हैं। 2021 में कम और मध्यम आय वाले देशों में मिर्गी के तीन से चार गुना अधिक मामले और मौतें दर्ज की गई, जबकि कम आय वाले देशों में नए मामलों की संख्या 82.1 फीसदी तक बढ़ गई और इनकी तुलना में मौतें 84.7 फीसदी अधिक थीं। शोध के दौरान उन क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां मिर्गी के मामले सबसे अधिक हैं। इससे वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को बेहतर इलाज और रोकथाम के उपाय विकसित करने में मदद मिलेगी।

    यह भी पढ़ें : पहाड़ों पर स्टार्टअप के लिए सुहाना नहीं है मौसम

    मौतों में 14.5 फीसदी की गिरावट
    अध्ययन में यह भी पाया गया कि 1990 से 2021 के बीच मिर्गी से होने वाली मौतों में 14.5 फीसदी की गिरावट आई है। इसका श्रेय बेहतर इलाज और समय पर सही पहचान को दिया जा सकता है। हालांकि, शोध से यह भी सामने आया है कि मिर्गी समय से पहले मृत्यु के जोखिम को तीन गुना तक बढ़ा सकती है।

    जलवायु परिवर्तन भी उत्तरदायी
    कुछ महीनों पहले अंतरराष्ट्रीय जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित एक शोध में बताया गया कि जलवायु परिवर्तनक के कारण मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को गहरा प्रभाव पड़ा है। यह शोध यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के नेतृत्व में किया गया था। अध्ययन यूसीएल क्वीन स्क्वायर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर संजय सिसौदिया के नेतृत्व में किया गया है, जिसमें शोधकर्ताओं ने 1968 और 2023 के बीच प्रकाशित 332 शोधों की समीक्षा की है। शोधकर्ताओं ने समीक्षा में पाया कि जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर पड़ा है। इस अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज 2016 अध्ययन के आधार पर तंत्रिका तंत्र संबंधी 19 स्थितियों की जांच की है। इनमें स्ट्रोक, माइग्रेन, अल्जाइमर, मेनिनजाइटिस, मिर्गी और मल्टीपल स्केलेरोसिस शामिल हैं।

    मिर्गी को समझें
    मिर्गी एक ऐसी स्थिति है जिससे व्यक्ति को दौरे पड़ने के साथ-साथ बेहोशी आ सकती है। इस दौरान शरीर में अचानक झटके लग सकते हैं। साथ ही इसके लक्षणों में आंखों का घूमना, शरीर का अकड़ना, कुछ भी याद न रहना शामिल हैं। इस दौरान शरीर में सनसनी या झुनझुनी महसूस हो सकती है। इसके बाद रोगी में तेज सिर दर्द, शरीर में दर्द की समस्‍या देखने को मिल सकती है। वहीं कभी कभार भ्रम की स्थिति भी पैदा हो सकती है, जो अगले कुछ घंटों तक जारी रह सकती है। बता दें कि इस बीमारी का शिकार लोगों को भेदभाव का शिकार होना पड़ता था। यहां तक की अपना परिवार भी मरीजों से दूरी रखता था। हालांकि समय के साथ काफी हद तक लोगों की सोच में बदलाव आया है, जिसकी वजह से पहले से कहीं ज्यादा मामले प्रकाश में आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक यह विकार किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। पहले इस बीमारी का शिकार लोगों को भेदभाव का शिकार होना पड़ता था। यहां तक की अपना परिवार भी मरीजों से दूरी रखता था। हालांकि समय के साथ काफी हद तक लोगों की सोच में बदलाव आया है, जिसकी वजह से पहले से कहीं ज्यादा मामले प्रकाश में आ रहे हैं।

    शोध हेल्थ न्यूज
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Pinterest Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram Follow on LinkedIn
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn
    teerandaj
    • Website

    Related Posts

    काटना ही नहीं… पीछा करना भी गंभीर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा-हादसों की वजह बन रहे कुत्ते

    January 8, 2026 दुनिया भर की By teerandaj4 Mins Read2
    Read More

    शराब के साथ तंबाकू…Mouth Cancer के लिए 62 फीसदी जिम्मेदार

    January 7, 2026 दुनिया भर की By teerandaj3 Mins Read5K
    Read More

    इसी महीने से दौड़ने लगेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

    January 3, 2026 दुनिया भर की By teerandaj3 Mins Read4K
    Read More
    Leave A Reply Cancel Reply

    https://www.teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/08/Vertical_V1_MDDA-Housing.mp4
    https://www.teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/12/MDDA_Final-Vertical_2.mp4
    अतुल्य उत्तराखंड


    सभी पत्रिका पढ़ें »

    Top Posts

    Uttarakhand : आपदा में भी मुस्कुराई जिंदगी, पहाड़ों को लांघकर पहुंची मेडिकल टीम, घर में कराई डिलीवरी

    August 31, 202531K

    CM Dhami ने दून अस्पताल में निरीक्षण कर मरीजों से लिया फीडबैक, वेटिंग गैलरियों में पंखे लगाने, सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश

    September 13, 202531K

    ऋषिकेश में अवैध निर्माणों पर MDDA की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 11 बहुमंजिला स्ट्रक्चर सील 

    August 30, 202531K

    Chardham Yatra-2025: चलो बुलावा आया है, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा बहाल

    September 6, 202524K
    हमारे बारे में

    पहाड़ों से पहाड़ों की बात। मीडिया के परिवर्तनकारी दौर में जमीनी हकीकत को उसके वास्तविक स्वरूप में सामने रखना एक चुनौती है। लेकिन तीरंदाज.कॉम इस प्रयास के साथ सामने आया है कि हम जमीनी कहानियों को सामने लाएंगे। पहाड़ों पर रहकर पहाड़ों की बात करेंगे. पहाड़ों की चुनौतियों, समस्याओं को जनता के सामने रखने का प्रयास करेंगे। उत्तराखंड में सबकुछ गलत ही हो रहा है, हम ऐसा नहीं मानते, हम वो सब भी दिखाएंगे जो एकल, सामूहिक प्रयासों से बेहतर हो रहा है। यह प्रयास उत्तराखंड की सही तस्वीर सामने रखने का है।

    एक्सक्लूसिव

    Dhami Cabinet विस्तार का काउंटडाउन शुरू? पूर्व मंत्रियों को तत्काल मंत्री आवास खाली करने को कहा गया, देखें पत्र

    August 27, 2025

    Dehradun Basmati Rice: कंकरीट के जंगल में खो गया वजूद!

    July 15, 2025

    EXCLUSIVE: Munsiyari के जिस रेडियो प्रोजेक्ट का पीएम मोदी ने किया शिलान्यास, उसमें हो रहा ‘खेल’ !

    November 14, 2024
    एडीटर स्पेशल

    Uttarakhand : ये गुलाब कहां का है ?

    February 5, 202512K

    India Space Missions … अंतरिक्ष में भारत का बसेरा!

    September 14, 202511K

    Dehradun Basmati Rice: कंकरीट के जंगल में खो गया वजूद!

    July 15, 202511K
    तीरंदाज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
    • होम
    • स्पेशल
    • PURE पॉलिटिक्स
    • बातों-बातों में
    • दुनिया भर की
    • ओपिनियन
    • तीरंदाज LIVE
    • About Us
    • Atuly Uttaraakhand Emagazine
    • Terms and Conditions
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    © 2026 Teerandaj All rights reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.