Uttarakhand सरकार ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसी कोई भी घटना प्रदेश में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार अराजक तत्वों से सख्ती से निपटेगी और संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। त्रिपुरा के उनकोटी जिले के नंदानगर निवासी 19 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा पर 9 दिसंबर को हमला हुआ था। 26 दिसंबर को इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से दो नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। बाकी तीन वयस्क आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिशें दे रही है। फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम को नेपाल भी भेजा है, क्योंकि उसके नेपाल जाने के सुराग मिले हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने फरार आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के लिए पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी बहुत जल्द पुलिस के शिकंजे में होगा। कानून-व्यवस्था से छेड़छाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को सरकार से रहम की उम्मीद न करें। राज्य सरकार उत्तराखंड में रहने वाले हर नागरिक चाहे वह स्थानीय हो या बाहरी राज्य से आया हो की सुरक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। मृतक छात्र के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने उसके परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
पुलिस कार्रवाई तेज
पुलिस ने हत्याकांड के खुलासे के लिए विशेष जांच टीम गठित की है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह घटना पुरानी रंजिश से जुड़ी हो सकती है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में फरार आरोपी का नाम सामने आया, जो मुख्य संदिग्ध है। नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। एसएसपी हरिद्वार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

धामी ने कहा कि उत्तराखंड शांतिप्रिय राज्य है, जहां सभी को सुरक्षित रहने का अधिकार है। बाहरी राज्यों से पढ़ने आए छात्रों की सुरक्षा विशेष प्राथमिकता है। ऐसी घटनाओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार कानून-व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए कठोर कदम उठाएगी। उन्होंने पुलिस महकमे को निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाए। छात्र-छात्राओं से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह मामला उत्तराखंड में बाहरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। विपक्ष ने भी सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। भाजपा ने इसे राज्य की शांति भंग करने की साजिश बताया है। सोशल मीडिया पर #JusticeForAngelChakma ट्रेंड कर रहा है। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार से बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च स्तरीय निगरानी टीम भी गठित करने का फैसला लिया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी होते ही केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा।
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