उत्तराखंड बजट सत्र 2025 की शुरुआत हो गई। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने UCC से शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यूसीसी कानून मातृशक्ति के अधिकारों की रक्षा करेगा। साथ ही उन्होंने धामी सरकार की विकास योजनाओं की अब तक की यात्रा और भावी रोडमैप पेश किया। राज्यपाल ने 43 विभागों की योजनाओं का जिक्र कर बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में सरकार किस तरह जनता तक इनका लाभ पहुंचाएगी।
राज्यपाल ने अभिभाषण में राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के 100 से अधिक पदक जीतने के रिकॉर्ड को शामिल करते हुए उदीयमान खिलाड़ियों के लिए होने वाले खेल महाकुंभ, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेलों में मेडल विजेताओं को सरकारी नौकरी का भी जिक्र किया। राज्यपाल ने उत्तराखंड लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली अधिनियम 2024, ऑपरेशन स्माइल के तहत ऑपरेशन मुक्ति, साइबर क्राइम रोकने को जारी हेल्पलाइन नंबर 1930, यातायात प्रबंधन के लिए रियल टाइम ट्रैफिक एडवाइजरी, कारागार में बंदी की मृत्यु पर विधिक उत्तराधिकारियों को मुआवजा राशि के भुगतान की नीति का जिक्र किया।
LIVE उत्तराखण्ड विधानसभा सत्र 2025 : माननीय राज्यपाल जी का अभिभाषण https://t.co/aY2ICnbcjv
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 18, 2025
जन-जन तक लाभ पहुंचाने के लक्ष्य पर जोर
उन्होंने बताया कि राज्य ने सतत विकास लक्ष्यों के तहत देश में पहला स्थान हासिल किया है तो सीएम कॉन्क्लेव के एजेंडे के तहत परिवार पहचानपत्र योजना पर काम हो रहा है। उन्होंने उत्तराखंड की स्टार्टअप नीति व इसके प्रभावों के बारे में बताया। राज्यपाल ने सामान्य प्रशासन विभाग, आयुष विभाग, कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, समाज कल्याण विभाग समेत 43 विभागों की योजनाओं को इस साल भी अनवरत जारी रखते हुए इनका लाभ जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प पर जोर दिया।
16232 रुपये थी प्रति व्यक्ति आय, अब 246178 लाख हो गई
राज्यपाल ने उत्तराखंड राज्य की उपलब्धियों पर कहा कि राज्य गठन के समय प्रति व्यक्ति आय 16,232 रुपये थी, जो आज बढ़कर 2,46,178 रुपये पर पहुंच गई है। उन्होंने इसे की निरंतर प्रगति का प्रभाव बताया। बजट अभिभाषण के दौरान सदन के नेता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सभी मंत्री भी मौजूद रहे।
विपक्षी नेताओं ने वेल में आकर की नारेबाजी
सत्र की अवधि न बढ़ाने के विरोध में विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्षी विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की। बाद में सदन से वॉकआउट कर दिया। राज्यपाल ने बजट अभिभाषण पढ़ना शुरू किया तो नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सदन में सत्र की अवधि कम होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इतनी कम अवधि के सत्र में जनता के मुद्दे कैसे उठेंगे। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना था कि सरकार नहीं चाहती कि विधानसभा का सत्र लंबा चले। वह जनता के मुद्दों से आंख चुरा रही थी।
सीएम धामी ने ई-विधानसभा का किया शुभारंभ

उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बजट सत्र शुरू होने से पहले ई-विधानसभा एप्लीकेशन का शुभारंभ किया। बतादें कि ई-विधानसभा एप्लीकेशन की शुरुआत से विधानसभा की सभी कार्यवाही अब पूरी तरह से कागजरहित होगी। सीएम धामी ने कहा कि यह पहल न केवल हमारे संसदीय लोकतंत्र को सशक्त करेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगी। अब विधानसभा की कार्यवाही पूरी तरह से कागजरहित होगी। इससे कागज की खपत कम होने के साथ संसदीय कार्य को तेजी, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से अंजाम दिया जा सकेगा।








