UPCL राज्य के 15.87 लाख उपभोक्ताओं के 2400 रुपये लौटाएगा। यह राशि सिक्योरिटी के रूप में उसके पास जमा थी। बतादें कि राज्य में अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू हो चुका है। इसलिए सिक्योरिटी राशि उसके पास रखने का कोई औचित्य नहीं है। प्रीपेड के तहत आपको पहले रिचार्ज कराना होगा। उसके बाद बिजली इस्तेमाल कर सकेंगे। यह मोबाइल फोन जैसा ही होगा। आप पहले भुगतान किजिए फिर इस्तेमाल कीजिए। जितने के रिचार्ज किए रहेंगे। उतने की ही बिजली मिलेगी। इसके बाद अपने आप बिजली कट जाएगी। बताया जा रहा है कि इससे यूपीसीएल को बिलिंग आदि के झंझट से मुक्ति मिलेगी। साथ ही बिजली चोरी पर लगाम भी लग सकेगी।
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देहरादून में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू
राज्य में पुराने सभी मीटर बदले जाने हैं। देहरादून में यह काम शुरू भी हो चुका है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया, जब पुराने मीटर को बंद करके हिसाब किया जाएगा तो उपभोक्ता की जमा राशि वापस कर दी जाएगी। वह चाहे तो बिजली बिल भी इसे एडजस्ट करा लें चाहे तो नकद ले लें। यह उनके ऊपर निर्भर करेगा। उनके मुताबिक, जल्द ही सरकारी कार्यालयों के साथ ही सीएम आवास व राजभवन में भी प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। अब लोग खुद भी प्रीपेड मीटर लगवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। जल्द ही आम उपभोक्ताओं के लिए इसकी शुरुआत भी की जाएगी।
यूपीसीएल के पास जनता के 1200 करोड़ रुपये
यूपीसीएल के पास उपभोक्ताओं का करीब 1200 करोड़ बतौर सिक्योरिटी राशि जमा है। बतादें कि राजधानी में बुधवार को प्रदेश का पहला स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया गया। इसकी शुरुआत यूपीसीएल के एमडी के कैंप कार्यालय आवास से की गई है।