Uttarakhand के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को भारत मंडपम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में उत्तराखंड के सड़क विकास की झलक पेश की। उन्होंने प्रदेश में चल रहे अभूतपूर्व कार्यों का विस्तृत वीडियो प्रेजेंटेशन दिखाया, जिसमें चारधाम महामार्ग जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रगति प्रमुखता से उभरकर सामने आई।
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में सड़क अवसंरचना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। चारधाम यात्रा को सुगम, सुलभ एवं सुरक्षित बनाने के लिए 12769 करोड़ रुपये की लागत से चारधाम महामार्ग परियोजना चल रही है। इस परियोजना के तहत प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का उन्नयन किया जा रहा है जो पहाड़ी राज्य की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। केंद्रीय मंत्री गडकरी की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए धामी ने बताया कि कठिन भूभाग वाले उत्तराखंड में भी परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो रही हैं। वर्तमान में राज्य में 3723 किमी का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित हो चुका है। एनएचएआई द्वारा डिजाइन किए 597 किमी मार्गों में से 336 किमी से अधिक पूर्ण हो चुके हैं।
प्रमुख शहर जुड़े चौड़ी सड़कों से
हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, रुद्रपुर, काशीपुर, हल्द्वानी और काठगोदाम जैसे प्रमुख केंद्र अब चौड़े और सुरक्षित सड़कों से जुड़ चुके हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सहित देहरादून व हरिद्वार बाईपास जैसी परियोजनाएं यातायात को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाने जा रही हैं। इनसे न केवल पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को लाभ होगा बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

पहाड़ी चुनौतियों के बावजूद तेज प्रगति
उत्तराखंड की दुर्गम भौगोलिक स्थिति हमेशा सड़क निर्माण में बाधा बनी रही है। भूस्खलन, भारी बारिश और संकरी घाटियां परियोजनाओं को लंबा खींच देती हैं। लेकिन मोदी सरकार के कार्यकाल में सड़क मंत्रालय ने डेडिकेटेड फंडिंग और आधुनिक तकनीक से इन चुनौतियों को पार किया। चारधाम परियोजना 2016 में शुरू हुई थी, जो 900 किमी लंबी है और 10 वर्षों में पूरी होनी है। अब तक 80 फीसदी से अधिक कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी की प्रतिबद्धता से ये सफलताएं संभव हुई हैं। गडकरी ने उत्तराखंड को हमेशा विशेष प्राथमिकता दी है। हाल ही में ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के साथ सड़क परियोजनाएं राज्य को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में चमकाएंगी।
आर्थिक लाभ और भविष्य की योजनाएं
ये सड़कें न केवल चारधाम यात्रा को आसान बनाएंगी बल्कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बॉर्डर क्षेत्रों को भी मजबूत करेंगी। देहरादून से दिल्ली सिर्फ 2.5 घंटे में पहुंचना संभव हो जाएगा जो निवेशकों को आकर्षित करेगा। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2025 में चारधाम यात्रा पर 50 लाख से अधिक श्रद्धालु आए, और बेहतर सड़कें इसे दोगुना कर सकती हैं।








