Uttarakhand : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्गों की नई एवं गतिमान परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने वर्ष 2022–23 में स्वीकृत पिथौरागढ़–बागेश्वर (NH-309A) निर्माण प्रस्ताव को अब तक भारत सरकार को न भेजे जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने मार्च 2024 में स्वीकृत काठगोदाम–नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए वन एवं वन्यजीव स्वीकृतियों से संबंधित डेटा अपलोड में लापरवाही पर अधिशासी अभियंता को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में लंबित परियोजनाओं की समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने और विभागों से अपनी समस्याओं व मुद्दों को स्पष्ट रूप से रखने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सड़कों के निर्माण में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी 3(G) एवं 3(D) की कार्रवाई, साथ ही पेड़ छपान व कटान में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए 31 दिसंबर तक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए परियोजनाओं का नियमित फॉलो-अप करने को भी कहा। बैठक में एनएचएआई की कोटद्वार बाईपास, झाझरा–आशारोड़ी, हरिद्वार–नजीबाबाद तथा देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेस-वे जैसी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और सभी कार्य निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
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