Uttarakhand में पर्वतमाला मिशन के तहत प्रदेश में पर्यटन व धार्मिक स्थलों के लिए 50 रोपवे प्रस्तावित हैं। यह काम कई चरणों में होने हैं। पहले चरण में छह रोपवे बनाए जाने हैं। इसी के तहत औली से गौरसो तक चेयर कार रोपवे का निर्माण किया जाएगा। खुशखबरी यह है कि डीपीआर पर काम शुरू हो गया है। चेयरकार रोपवे बन जाने से पर्यटन में वृदि्ध की बात कही जा रही है। साथ ही औली की ढलानों को स्कीइंग के लिए विकसित किया जाएगा। यह काम केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) करा रही है। बारहमासी पर्यटन के लिए प्रदेश सरकार पर्यटन स्थलों को विकसित करने का काम कर रही है। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली को अंतरराष्ट्रीय स्तरीय स्कीइंग व टूरिस्ट डेस्टीनेशन बनाने के लिए यह कवायद की जा रही है। दूरस्थ पर्यटन व धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान बनाने के लिए प्रदेश सरकार पर्वतमाला मिशन पर पर काम कर रही है।

इन प्रोजेक्ट पर तेजी से हो रहा काम
सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब प्रोजेक्ट्स का कार्य आवंटित कर दिया गया है। काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर (नैनीताल) अनुमोदन के चरण में है। कनकचौरी से कार्तिक स्वामी तक रोप-वे की डीपीआर तैयार की जा रही है। रैथल बारसू से बरनाला (उत्तरकाशी) और जोशीमठ-औली-गौरसों रोप-वे की डीपीआर के लिए निविदा प्रक्रिया गतिमान है। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के मुताबिक, औली से गौरसो की चोटी तक चेयर कार रोपवे बनाया जाएगा। इससे स्कीइंग के लिए देश दुनिया से आने वाले पर्यटकों को गौरसो तक पहुंचने में आसानी होगी। एनएचएलएमएल के माध्यम से इसकी डीपीआर बनाई जाएगी। इसके अलावा औली की ढलानों को स्कीइंग के लिए विकसित किया जाएगा।










