Uttarakhand की बेटियों में संघर्ष का जज्बा होता है। ऐसे जज़्बे-संघर्ष को रंगीन परदों पर लाने की कोशिश की जा रही है। इगास पर्व के मौके पर हिमालयन फिल्म के बैनर तले बन रही फिल्म फ्योली…पर्वत की बेटी की शूटिंग शुरू की गई है। देहरादून के लेखक गांव में पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक और उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी नितिन उपाध्याय ने फिल्म का मुहूर्त शॉट लिया।

मुहूर्त पर डा. निशंक ने फिल्म टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फ्योली…पर्वत की बेटी की पटकथा के लेखक व निर्देशक मनोज इष्टवाल की यह फिल्म पर्वतीय राज्यों में शिक्षित होती ऐसी एक बेटी पर आधारित बताई जा रही है, जो विभिन्न संघर्षों से उठकर अपने सपने पूरे करती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में बन रही फिल्मों के साथ साथ हिंदी व अन्य भाषाओं में बन रही फिल्मों के लिए भी एक बड़ा प्लेटफार्म तैयार किया गया है, जो हमारे प्रदेश को रोजगार भी प्रदान कर रहा है। हमें ऐसे निर्माता और निर्देशकों का स्वागत करना चाहिए जो अच्छी पटकथा पर काम कर रहे हैं।

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी नितिन उपाध्याय ने कहा कि क्षेत्रीय, राष्ट्रीय भाषाओं में बनने वाली फिल्मों को प्रदेश सरकार उचित सब्सिडी दे रही है, ताकि प्रदेश की खूबसूरत वादियों घाटियों पर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्में बनें व स्थानीय कलाकारों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो सके। हम अच्छी पटकथा व निर्देशन व अपने अनुभवों के साथ वर्तमान तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल कर अच्छे व स्वस्थ मनोरंजन अपने दर्शकों दे सकते हैं। वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल की पटकथा से तो यही लगता है कि यह फ़िल्म बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे नारे के साथ आगे बढ़ रही है। उम्मीद की जा सकती है कि यह शार्ट फ़िल्म बनने के बाद हम सबके लिए एक अच्छा संदेश समाज के मध्य लेकर आएगी।

मुहूर्त शॉट के बाद ‘लेखक गांव’ के नालंदा पुस्तकालय शोध एवं अनुसंधान केंद्र में कुछ दृश्य फिल्माए गए। इस दौरान फ़िल्म के काम करने वाले 27 सदस्यों की टीम मौजूद रही। हिमालयन फ़िल्म (हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन) के बैनर तले बन रही फ़िल्म के निर्माता रजत डबराल, सृष्टि डबराल, निर्देशक मनोज इष्टवाल हैं। मुख्य भूमिका में सोनम शर्मा, किरण डिमरी किट्टू, रीना चौहान, मनोज इष्टवाल, शशिमोहन रावत प्रमुख हैं। फिल्म की सिनेमाफोटोग्राफी गोविन्द नेगी और चंद्रशेखर चौहान द्वारा की जा रही है।








