Uttarakhand : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान ने राज्य के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित कर दी है। अभियान के चौथे दिन शनिवार को उत्तरकाशी के हिमाचल सीमा से सटे आराकोट से लेकर पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर और ऊधमसिंहनगर तक अनेक न्याय पंचायतों में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए गए। अब तक अभियान के तहत 15 हजार से अधिक ग्रामीणों को विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है, जबकि चार हजार से अधिक जन शिकायतों का निस्तारण किया गया है।

चंपावत जिले की न्याय पंचायत चौड़ीराय और खर्ककार्की में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। चौड़ीराय में जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए 557 प्रकरणों में से 450 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। अल्मोड़ा जिले की न्याय पंचायत लिंगुड़ता और बासोट में आयोजित शिविरों में कुल 1,476 ग्रामीण लाभान्वित हुए। जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में लिंगुड़ता में 858 और बासोट में 618 नागरिकों को विभिन्न विभागीय सेवाओं का लाभ मिला।
नैनीताल जिले के बेतालघाट विकासखंड में आयोजित शिविर में 340 से अधिक ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया, जबकि 75 जनसमस्याओं में से 55 का त्वरित समाधान किया गया। बागेश्वर जिले की न्याय पंचायत देवलधार और गुरना में आयोजित शिविरों से 800 से अधिक लोगों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। पिथौरागढ़ जिले में चार न्याय पंचायतों में आयोजित शिविरों में जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में लगभग 700 ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया। वहीं ऊधमसिंहनगर जिले के गदरपुर ब्लॉक की न्याय पंचायत बराखेड़ा में आयोजित शिविर में 673 लोगों को लाभ मिला तथा 490 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

उत्तरकाशी जिले के सुदूरवर्ती आराकोट क्षेत्र में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में 800 से अधिक ग्रामीण लाभान्वित हुए और 126 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। राज्य सरकार का यह अभियान दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे लोगों के लिए सरकार और प्रशासन को उनके द्वार तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ और समस्याओं का समाधान एक ही मंच पर संभव हो पा रहा है।








