संसद में Uttarakhand के पांच सांसद हैं। इसके बाद भी उत्तरकाशी में छह हजार देवदार वृक्षों को काटने का मुद्दा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने उठाया। उन्होंने कहा, एक तरफ मोदी सरकार कह रही है कि एक पेड़ मां के नाम। दूसरी ओर गंगोत्री के पास देवदार के छह हजार वृक्षों को काटने की अनुमति दे दी गई। आखिरी यह दोहरा चरित्र क्यों? दरअसल, गंगोत्री राजमार्ग के चौड़ीकरण की जद में ये देवदार के वृक्ष आ रहे हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर कुछ लोग विरोध में हैं तो कुछ लोग चौड़ीकरण के समर्थन में हैं।
कांग्रेस सांसद ने आक्रामक अंदाज में कहा कि इसी सदन में कहा गया था कि हम देवदार वृक्ष को नहीं काटने देंगे, लेकिन भागीरथी के पास इको-सेंसेटिव जोन है और वहां 6,000 पेड़ काटने की अनुमति दे दी गई है। चारधाम ऑल वेदर रोड पर अंधाधुंध चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ और पहाड़ काटे जाएंगे तो निश्चित है कि भूस्खलन बढ़ेगा। कई लोगों ने अपील की है कि यहां पर जो इको-सेंसेटिव जोन है, उसे बचाया जाए, लेकिन यह सरकार सदन में कुछ और कहती है, बाहर कुछ और करती है। कांग्रेस सांसद ने छत्तीसगढ़ में हसदेव में पेड़ों के काटे जाने का मुद्दा भी उठाया। संसद में उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष के मुद्दों को भी उठाया। सरकार से पूछा इसे रोकने के लिए क्या किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के हसदेव में कई लाख पेड़ कट रहे हैं। ऐसे में वन्यजीवों का घर भी छिन रहा है।
ऐसे में मेरा प्रश्न है 👇
⦁ हसदेव में कौन-कौन से जानवर हैं, कितनी संख्या में हैं और जब उनका घर छीना जा रहा है तो उन्हें सरकार कहां बसाएगी?
⦁ मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर सरकार की क्या… pic.twitter.com/EE1INhSIMe
— Congress (@INCIndia) December 4, 2025
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि हिमालय में सड़क का चौड़ीकरण असफल हो रहा है. सेना और यात्री भूस्खलन की चपेट में आ रहे हैं. ऐसे में यह सरकार कैसा विकास कर रही है? एक तरफ आप कहते है कि ये सड़क सेना के लिए बहुत जरूरी है, दूसरी तरफ यहीं सड़क कई दिनों तक बंद रहती है. कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने पूछा कि सरकार किसी की शय पर इस तरह का विकास कर रही है? कांग्रेस की सांसद रंजीत रंजन ने राज्य सभा में कहा कि उनके पास जो रिपोर्ट है वह छह और सात दिसंबर की है। वहां के लोग पेड़ों को बचाने के लिए रक्षा सूत्र बांध रहे हैं। इस क्षेत्र में धराली है। जहां पर कुछ महीनों पहले भीषण आपदा हुई थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, 150 लोग अब भी मलबे में दबे हैं। इसके बाद भी पेड़ों की कटाई का निर्णय समझ से परे है। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि ये सोचने वाली है कि यदि उच्च हिमालय में चारधाम ऑल वेदर रोड के नाम पर इतनी भारी तादात में पेड़ और पहाड़ काटे जाएंगे तो भुस्खलन की घटनाएं बढ़ेगी। इस बारे में कई समाजिक और खुद बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी भी सरकार को पत्र लिख चुके है।

गंगोत्री राजमार्ग का होना है चौड़ीकरण
उत्तरकाशी के झाला-भैरोंघाटी के बीच गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है। इसके लिए देवदार के छह हजार वृक्षों का काटा जाना है। इसका विरोध भी शुरू हो गया है। पर्यावरणविद से लेकर स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। हालांकि, इस पर मामले में दो फाड़ है। एक गुट विरोध कर रहा है तो दूसरा गुट कह रहा है कि जो आंकड़े दिए जा रहे हैं वह भ्रामक हैं। वन विभाग का दावा है कि 3500 हजार पेड़ ही काटे जाएंगे। वहीं, कुछ लोगों ने देवदार के वृक्षों को राखी बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प भी लिया।







