Uttarakhand में समग्र शिक्षा के तहत 544 और विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। यह घोषणा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से इसकी विधिवत स्वीकृति दी गई है जिससे राज्य के हजारों छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार एनईपी-2020 के प्रावधानों के अनुरूप विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक और व्यावसायिक शिक्षा भी प्रदान कर रही है ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। इसी क्रम में समग्र शिक्षा एवं पीएम श्री योजना के तहत प्रदेश के 544 अन्य विद्यालयों का चयन व्यावसायिक शिक्षा के संचालन के लिए किया गया है। यह पहल निश्चित रूप से प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन विद्यालयों में आठ मुख्य व्यावसायिक विषयों को शामिल किया गया है। इन विषयों में एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव, व्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, आईटी, प्लंबिंग, रिटेल एवं टूरिज्म व हॉस्पिटेलिटी जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन सभी सेक्टरों से संबंधित पाठ्यक्रम को उत्तराखंड बोर्ड व सीबीएसई के पाठ्यक्रम में इंटीग्रेट किया गया है। इन्हें विद्यालय स्तर पर एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा, जिससे छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा के साथ ही व्यावसायिक कौशल भी प्राप्त हो सके। यह भी बताया गया कि इन व्यावसायिक विषयों में कक्षा 10 व 12 उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के माध्यम से क्रमशः लेवल 3 व 4 के दक्षता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह प्रमाण पत्र न केवल उनकी योग्यता को प्रमाणित करेंगे, बल्कि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर भी प्रदान करेंगे।

व्यावसायिक शिक्षा के सफल संचालन के लिए बुनियादी ढांचे पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विभागीय अधिकारियों ने सूचित किया कि इन विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के संचालन के लिए पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई) के मानकों के अनुरूप कुल 548 प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं। साथ ही, छात्रों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए, निर्धारित योग्यता के अनुरूप अनुभवी व्यावसायिक प्रशिक्षकों की तैनाती भी प्रक्रियाधीन है। वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए, अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश भर में 531 विद्यालयों में पहले से ही व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इन विषयों में कुल 50903 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसमें 27561 छात्राएं और 23342 छात्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य में 28 हब्स एंड स्पोक विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें कुल 973 बच्चे (612 छात्राएं व 361 छात्र) शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देते हुए एयरोस्पेस एंड एविएशन व फूड इंडस्ट्री सेक्टर के संचालन को भी केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक अनुमति दे दी है। इन्हें जल्द ही उत्तराखंड बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया जाएगा। विभाग ने व्यावसायिक शिक्षा के तहत कक्षा 12 के प्रथम बैच में अध्ययनरत छात्रों के लिए हाल ही में एक राज्य स्तरीय जॉब फेयर का आयोजन किया था, जिसमें 146 छात्रों को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों ने नौकरी के ऑफर दिए जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।








