विधानसभा अध्यक्ष और कोटद्वार की विधायक श्रीमती ऋतु खंडूरी ने पौराणिक महत्व वाले Kanvashram का दौरा किया। उन्होंने Kanvashram में पुरातत्व के महत्व वाली काष्ठ कला को करीब से देखा। मालिनी नदी तट के दोनों छोरों पर बसे कण्वाश्रम, उसकी बसासत और विरासत को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने कहा कि बतौर क्षेत्रीय विधायक उनका पहला ध्येय है कि वह केंद्र, राज्य सरकार की मदद से Kanvashram को पर्यटन के मानचित्र में विश्व पटल पर लाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगी। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने कहा कि अगले माह तक Kanvashram में शकुंतला पुत्र चक्रवर्ती राजा भरत की मूर्ति लगाई जाएगी। कण्वाश्रम पर लगातार हम काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि हम मालिनी घाटी की वैदिक कालीन सभ्यता को जीवंत करने की पुरजोर कोशिश करें।

उन्होंने कहा कि जिस शकुंतला पुत्र चक्रवर्ती भरत के नाम से भारतवर्ष पड़ा, वह उत्तराखंड ही नहीं देश को गौरवान्वित करते हैं। मैं क्षेत्रीय विधायक होने के नाते पुरजोर कोशिश में हूं कि केंद्र,राज्य सरकार प्राथमिकता के साथ इस आश्रम का जीर्णोंद्धार कर इसे विश्व मानचित्र पर स्थापित करें। हमारा लक्ष्य यहां धार्मिक, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह विश्व भर के लोगों के लिए ध्यान, योग, अध्यात्म का केंद्र बनेगा। हम यहां वैदिक कालीन सभ्यता के हिसाब से आश्रम पद्धति का सप्तऋषि मंडप बनाने की योजना बना रहे हैं ताकि प्रकृति से छेड़छाड़ किए बिना Kanvashram का वृहद आभामंडल बने। यहां मालिनी तट पर रोजाना आरती और मंत्रोचार की ध्वनि गूंजेगी। ऐसा मेरा लक्ष्य है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, केंद्र सरकार, राज्य सरकार और लोकसभा सांसद अनिल बलूनी के साथ-साथ हम सबके प्रयास से इस क्षेत्र में भारतीय सर्वेक्षण विभाग की टीम प्राचीन मूर्तियों का अध्ययन और अन्य शोध करने पहुंची। मूर्तियां आठवीं से 11वीं सदी के आसपास की मानी जा रही हैं। देखते हैं हम ऐसा क्या बेहतर कर सकते हैं कि यह क्षेत्र पूरे देश में फिर से चर्चित हो। उन्होंने गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी द्वारा Kanvashram के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह से हमारे सांसद इस विषय पर बेहद सकारात्मकता के साथ काम कर रहे हैं, वह अपने आप में अतुलनीय है। केंद्र,राज्य सरकार के सामूहिक प्रयास Kanvashram को धर्म, साहसिक पर्यटन से जोड़कर नया स्वरूप देंगे। पर्यटन विभाग द्वारा Kanvashram से चंडा पर्वत शिखर तक मालिनी नदी घाटी 2023 में ट्रैक ऑफ द ईयर घोषित हुई थी।








