Uttarakhand : राज्य गठन के 25 साल होने को हैं लेकिन कई ऐसे में क्षेत्र हैं जो बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। स्वास्थ्य सुविधा के लिए उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध जताना पड़ रहा है। ऐसा ही एक आंदोलन चौखुटिया क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के खिलाफ चल रहा है। बुधवार को गांव-गांव से मातृशक्ति, युवा और बुजुर्ग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने चौखुटिया नगर में विशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। भीड़ ने चौखुटिया बाजार से तहसील कार्यालय तक मार्च किया और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, चिकित्सक व उपकरणों की व्यवस्था की मांग की।
चौखुटिया में पूर्व सैनिक भुवन कठायत ने गांधी जयंती के दिन रामगंगा आरती घाट पर आमरण अनशन शुरू किया है। इस आंदोलन को उन्होंने ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’ नाम दिया है। यह सिर्फ एक अनशन नहीं बल्कि उस पीड़ा की अभिव्यक्ति है जिसे ग्रामीण सालों से झेल रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी इतनी गंभीर है कि लोग छोटे इलाज के लिए भी दूर-दराज़ अस्पतालों का रुख करते हैं। डॉक्टरों की कमी, दवाइयों की कमी और ढांचागत सुविधाओं की कमी ने जनता को थका दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार 14 दिन से आंदोलनकारी भूख हड़ताल पर बैठे हैं, फिर भी सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव, आपातकालीन इलाज और बच्चों के उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं न होने से लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की राह अपनाई जाएगी। इस दौरान स्थानीय संगठनों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी रैली में भाग लिया। चौखुटिया का पूरा नगर “स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करो”, “डॉक्टर दो, अस्पताल बचाओ” जैसे नारों से गूंज उठा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे अपनी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

दुकानें रहीं बंद व्यापारियों ने दिया समर्थन
स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को लेकर चल रहे जनआंदोलन के समर्थन में बुधवार को चौखुटिया के व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। बाजार दिनभर सन्नाटा पड़ा रहा। व्यापारी नेताओं ने कहा कि जब तक स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ नहीं होतीं, वे आंदोलन के साथ खड़े रहेंगे। चौखुटिया में जो भीड़ सड़क पर उतरी, वह किसी नेता की आभार रैली की भीड़ नहीं है। यह भीड़ उन लोगों की थी जो अपने हक के लिए निकले हैं, अपने और अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की मांग कर रहे हैं। रामगंगा आरती घाट से शुरू होकर चांदीखेत, खिरचौरा मंदिर और रावत गैराज से गुजरती हुई रैली फिर अनशन स्थल तक पहुंची। इसमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी शामिल हुए। सबकी आवाज एक ही थी, स्वास्थ्य सुविधा अब विलासिता नहीं, यह जरूरत है।








