उत्तराखंड ने देश के स्टार्टअप मानचित्र पर अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित की है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग के 5वें संस्करण में उत्तराखंड को लीडर श्रेणी में शामिल किया गया है। केंद्र सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा यह सम्मान राज्य में नवाचार अनुकूल निवेश वातावरण और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया है। मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के गरिमामयी समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने उत्तराखंड के उद्योग विभाग को प्रदान कर सम्मानित किया।
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नीतियों में सुधार से मिली बड़ी छलांग
पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड की स्टार्टअप रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है। 2018 में इमर्जिंग और 2019 में एस्पायरिंग लीडर रहने के बाद अब राज्य का लीडर श्रेणी में आना यह दिखाता है कि यहां का इकोसिस्टम परिपक्व हो रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्टार्टअप नीति 2023 के माध्यम से कई जटिलताओं को दूर किया है। जिससे युवाओं के लिए स्टार्टअप शुरू करना आसान हो गया है।

सामूहिक प्रयास का फल : सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह प्रदेश के युवाओं की रचनात्मकता और हमारे अधिकारियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार स्टार्टअप्स के लिए सरल प्रक्रियाएं और मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और यह रैंकिंग इस बात का प्रमाण है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

पलायन रोकने में गेम चेंजर साबित होंगे स्टार्टअप
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में स्टार्टअप कल्चर का विकसित होना पलायन रोकने में ब्रह्मास्त्र साबित हो सकता है। आईटी, आयुष, जैविक खेती और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्टार्टअप्स न केवल युवाओं को स्वरोजगार दे रहे हैं बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का काम भी कर रहे हैं।
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