मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एमडीडीए ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति और नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एमडीडीए की टीम ने सहस्त्रधारा रोड स्थित कुल्हान क्षेत्र में पैसिफिक गोल्फ के समीप कुलदीप द्वारा किए गए अवैध निर्माण को सील किया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेश पर सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता विदिता कुमारी, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। इसके अलावा ऋषिकेश क्षेत्र में वीरभद्र रोड पर वीरभद्र शिव मंदिर के समीप भावेश जोशी एवं अन्य द्वारा किए गए अवैध आवासीय निर्माण को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज और अवर अभियंता पूनम सकलानी ने किया, जबकि मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। वहीं देहरादून के आरकेडिया ग्रांट क्षेत्र में मकबूल इरफान, अरविंद मनोडी एवं अन्य द्वारा की जा रही लगभग 16 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के तहत समाप्त किया गया। इस दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल और सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध निर्माण और प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे पर्यावरण, आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं पर गंभीर असर पड़ता है। चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि सभी कार्रवाइयां नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जा रही हैं। पहले अवैध निर्माणों को चिन्हित कर नोटिस दिए जाते हैं, उसके बाद आवश्यक होने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण किया जाता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृति अवश्य लें, ताकि शहर का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।








