उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा इस बार रिकॉर्ड भीड़ के कारण नई चुनौतियां खड़ी कर रही है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है जबकि हरिद्वार और ऋषिकेश स्थित पंजीकरण केंद्रों पर अव्यवस्था और धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऑनलाइन पंजीकरण में दिक्कत आने के कारण बड़ी संख्या में यात्री ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, जिससे हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। रविवार को चारों धामों और हेमकुंड साहिब में करीब 98 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नया रिकॉर्ड बना दिया। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ नियंत्रण और यात्रा प्रबंधन की बन गई है। पुलिस और प्रशासन लगातार व्यवस्था संभालने में जुटे हैं लेकिन यात्रियों की भारी भीड़ के कारण हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले राज्य सरकार ने यात्रियों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए पंजीकरण को अनिवार्य किया था। इसके तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं शुरू की गई थीं। लेकिन यात्रा सीजन के चरम पर पहुंचते ही ऑफलाइन केंद्रों पर भारी भीड़ जमा होने लगी। कई जगहों पर यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की और बहस की स्थिति भी बन गई। हरिद्वार और ऋषिकेश के पंजीकरण केंद्रों में सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं। कई श्रद्धालु घंटों इंतजार के बाद भी पंजीकरण नहीं करा सके। प्रशासन ने लोगों से बिना पंजीकरण यात्रा पर न निकलने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए पंजीकरण जरूरी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 अप्रैल से 24 मई तक चारधाम और हेमकुंड साहिब में 21 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसमें सबसे अधिक श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे हैं। लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार व्यवस्थाओं को और मजबूत करने में जुटी है।

पंजीकरण केंद्रों पर बढ़ी परेशानी
ऑनलाइन स्लॉट फुल होने और तकनीकी दिक्कतों के चलते बड़ी संख्या में यात्री ऑफलाइन केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश में सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं। कई श्रद्धालुओं ने पर्याप्त काउंटर और सुविधाएं न होने की शिकायत भी की। पुलिस को कई बार भीड़ नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
अब तक कितने श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
- केदारनाथ – 8.43 लाख
- बदरीनाथ – 5.85 लाख
- गंगोत्री – 3.70 लाख
- यमुनोत्री – 3.75 लाख
- हेमकुंड साहिब – 9,559 श्रद्धालु










