72वें National Films Award में इतिहास रचते हुए गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ को प्रतिष्ठित रजत कमल पुरस्कार के लिए चुना गया है। संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं के अतिरिक्त अन्य भाषाओं में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म कैटेगिरी में ‘ढोली’ को सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म चुना गया। इस फिल्म की शूटिंग उत्तरकाशी में हुई है।
‘ढोली’ का निर्देशन National Award विजेता फिल्मकार दिनेश पी. भोंसले ने किया है, जबकि इसका निर्माण एससी फार्माकेम प्राइवेट लिमिटेड ने किया है। दिलचस्प बात यह है कि दिनेश भोंसले इससे पहले मराठी, हिंदी और कोंकणी फिल्मों के लिए भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल कर चुके हैं। उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर बनी ‘ढोली’ उनकी पहली गढ़वाली फीचर फिल्म है।
राष्ट्रीय पुरस्कारों में अक्सर ऐसी फिल्मों को प्राथमिकता मिलती है, जो मनोरंजन के साथ समाज का गंभीर पक्ष भी सामने रखें। ‘ढोली’ की सबसे बड़ी ताकत भी यही मानी जा रही है। फिल्म उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, लोकसंगीत और पारंपरिक ढोल की महत्ता को दिखाने के साथ-साथ यह सवाल भी उठाती है कि जिस वाद्ययंत्र को पूजा जाता है, उसके कलाकारों को बराबरी का सम्मान क्यों नहीं मिलता।
‘आर्टिकल 370’ बेस्ट फीचर फिल्म
वर्ष 2024 के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की गई है। ये पुरस्कार भारतीय सिनेमा में फीचर फील्मों, नॉन-फीचर फ़िल्मों और सिनेमा पर लिखे गए लेखों में बेहतरीन उपलब्धियों को सम्मान देते हैं। ‘आर्टिकल 370’ ने बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार जीता, जबकि ‘भंगार’ को बेस्ट नॉन-फीचर फील्म और ‘राम-नामी’ को बेस्ट वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का पुरस्कार मिला।
यामी गौतम ने ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मुख्य भूमिका) का पुरस्कार जीता, जबकि ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) और कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मुख्य भूमिका) का पुरस्कार साझा किया।
रणदीप हुड्डा ने ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ डेब्यू डायरेक्टर का पुरस्कार जीता, जबकि ‘कल्कि 2898 एडी’, ‘अमरन’, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘स्त्री 2’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने भी बड़े पुरस्कार हासिल किए, जो भारतीय सिनेमा की विविधता और बेहतरीन गुणवत्ता को दर्शाते हैं।
सीएम धामी ने फिल्म की टीम को दी बधाई
सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फ़िल्म के रूप में ‘ढोली’ को प्रतिष्ठित रजत कमल पुरस्कार तथा ₹2 लाख की नकद राशि से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड की समृद्ध लोकभाषा, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है। यह उपलब्धि प्रदेश के फिल्म उद्योग, कलाकारों और रचनाकारों के लिए प्रेरणादायक है तथा गढ़वाली सिनेमा को नई पहचान प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने फ़िल्म के निर्माता एससी फार्माकेम प्राइवेट लिमिटेड, निर्देशक दिनेश पी. भोंसले तथा पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को प्रभावी ढंग से देश-दुनिया तक पहुंचाने में क्षेत्रीय सिनेमा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के अनुकूल डेस्टीनेशन के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नई फिल्म नीति के माध्यम से प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।










