लोकसभा चुनावों के पहले चरण की वोटिंग की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। यूपी के सीएम Yogi Adityanath ने रविवार को उत्तराखंड के श्रीनगर, रुड़की और देहरादून में तीन अलग-अलग जनसभाएं कीं। सुबह पौड़ी लोकसभा सीट के तहत आने वाले श्रीनगर में उन्होंने कांग्रेस को लेकर जमकर हमला बोला। बेहद आक्रामक अंदाज में योगी आदित्यनाथ ने कहा, ये चुनाव सात्विक शक्तियों बनाम आसुरी शक्तियों के बीच हो रहा है। यह देवों की भूमि है। यहां के लोगों का वोट सात्विक प्रवृत्ति के लोगों के पक्ष में जाना चाहिए। न कि आसुरी शक्तियों के पक्ष में। …ऐसे में कयास लगाए…
Author: teerandaj
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा है कि अध्योध्या की तर्ज पर हरिद्वार को भी सजाना और संवारना है। ये सौभाग्य है कि इस काम के लिए त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रत्याशी के तौर पर हरिद्वार से मैदान में हैं। जब व्यक्ति के पास अनुभव होता है तो उसे प्रभावी क्रियान्वयन करने में समय नहीं लगता। त्रिवेंद्र सिंह के समर्थन में रुड़की में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जो अनुभव प्राप्त किया, उसका लाभ आज ये देश ले रहा…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने रविवार को श्रीनगर गढ़वाल में एक जनसभा को संबोधित किया। सीएम योगी ने कहा कि मुझे अपनी जन्मभूमि की लोकसभा सीट पर संवाद करना का मौका मिला है। यहां का संवाद मेरे लिए आत्म साक्षात्कार होता है। यहां के कण-कण में शंकर का वास है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ऋषिकेश में देवभूमिवासियों से पंचकमल खिलाने की अपील की थी। वही अपील मैं भी कर रहा हूं। योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘देवभूमि’ उत्तराखंड मोदी जी को ‘पंच कमल की माला’ पहनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यहां का उत्साह बता…
भाजपा ने अपना घोषणा पत्र (Manifesto) जारी कर दिया है। इसे मोदी की गारंटी (Modi Ki Guarantee) का नाम दिया गया है। भाजपा के वादों की फेहरिस्त में UCC (समान नागरिक सहिंता) और एक देश, एक चुनाव का नया वादा जुड़ा है। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में UCC लागू कर चुकी है। भाजपा अब इसे पूरे देश में लागू करने पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी किया। अब ये देखना दिलचस्प रहेगा कि जनता को मोदी की गारंटी पर विश्वास है कि कांग्रेस की।…
pm narendra modi बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के ऋषिकेश में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए अब मां गंगा पर उठा रही है।
उत्तराखंड में चुनाव आयोग ने pwd (दिव्यांग ) वोटरों के लिए खास सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। व्हील चेयर से लेकर ब्रेन लिपि के जानकार बूथों पर उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा 85 प्लस वर्ष के बुजुर्गाें को घर से ही वोट डलवाया जा रहा है। अब देखना है कि इसका कितना असर होता है।
बसपा ने उत्तराखंड की सभी लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतार कर मुकाबले को रोचक बना दिया है। BJP – congress के स्टार प्रचारकों को टक्कर देने के लिए मायावती मैदान में उतरने वालीं हैं। 13 अप्रैल को वह हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र में जनसभा करेंगी। देखना है कि इसका कितना असर पड़ता है।
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र (Manifesto) में अग्निवीर योजना को खत्म करने और वन रैंक वन पेंशन योजना की विसंगति को दूर करने का वादा कर सैनिक बहुल उत्तराखंड में बड़ा दांव खेला है। प्रदेश कांग्रेस इन मुद्दों को पांचों लोकसभा सीटों पर जोरशोर से उठाने की तैयारी में है।
कांग्रेस ने उत्तराखंड के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश प्रभारी शैलजा कुमारी, जितेंद्र सिंह, सलमान खुर्शीद, गुरदीप सिंह सप्पल, अलका लांबा, अमरिंद्र सिंह राजा का नाम शामिल है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) नौ अप्रैल को हरिद्वार व अल्मोड़ा में चुनावी रैली कर सकते हैं। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। congress के स्टार प्रचारकों में उत्तराखंड के 30 नेताओं के नाम भी सूची में शामिल किए गए हैं। पार्टी के विधायक, पूर्व मंत्री भी स्टार प्रचारक चुनाव…
अक्सर हम अपने आसपास मिसालें खोजते हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम किया हो ताकि, उनसे कुछ सीखा व समझा जा सके। स्वरोजगार को कैसे मॉडल बनाया जा सकता है? छोटी शुरुआत से कुछ बड़ा कैसे पाया जा सकता है। उत्तराखंड के ऐसे रोल मॉडल की खोज में तीरंदाज अर्जुन रावत पहुंचे डोईवाला के झड़ोन। ललित बिष्ट… अब उत्तराखंड के मछली पालन उद्योग (fish farming) के लिए एक जाना पहचाना नाम हो गया है। होटल इंडस्ट्री में काम कर चुके ललित 2016 में छोटे स्तर पर यह स्वरोजगार शुरु किया। अब लाखों में कमाते हैं। उन्हें फिशरिंग डिपार्टमेंट भी…
वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद कहते हैं, कई बार जब सत्ता गहरी नींद में सो जाती है, ये मानकर चलती है कि हमारा कुछ नहीं होने वाला, तब पब्लिक उनको झकझोर देती है। अब देखना है कि युवाओं का नायक Bobby Panwar क्या सियासत का नायक बन पाता है।
समुद्र तल से करीब 2100 मीटर ऊंचाई पर पहुंचने के बाद Maa Kalinka Dham के दर्शन होते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं से कई रास्ते हैं। गढ़वाल के विकासखंड बीरोंखाल और अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे विकासखंड की सीमाओं के बीचों-बीचे ऊंचे पहाड़ की चोटी पर स्थित मंदिर का इतिहास 18वीं शताब्दी का है। गढ़वाल के आठ व कुमाऊं के सात गांवों में बसे बडियार परिवार के वंशज मां कालिंका की पूजा करते हैं। आसपास के क्षेत्रों के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से भी बहुत से लोग मां के दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है…
मेरा पानी उतरता देख, किनारे पर घर मत बसा लेना, मैं समंदर हूं, लौटकर आऊंगा…। सियासत में इन लाइनों के अलग ही मायने हैं। कुछ महीने पहले तक पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (TSR) के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलबाजी कर रहे लोगों को ये अंदाजा नहीं रहा होगा कि वो इतना जोरदार कमबैक करेंगे और उनके तेवर भी इस तरह बदले होंगे। 2024 के चुनावी महासंग्राम में भाजपा की विरोधियों पर बड़ी लीड ने इस चुनाव को कुछ नीरस सा बना दिया था। अगर किसी खेल में एक टीम की जीत निश्चित नजर आ रही हो तो लोगों की दिलचस्पी…
रुद्रपुर में पीएम मोदी (PM Modi) ने अपनी पहली रैली में यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा, मैं कहता हूं- भ्रष्टाचार हटाओ। वो कहते हैं- भ्रष्टाचारी बचाओ। लेकिन मोदी इनकी गालियों और धमकियों से डरने वाला नहीं है। हर भ्रष्ट पर कार्रवाई जारी रहेगी।
हजार बर्क गिरे लाख आंधियां उट्ठें वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं साहिर लुधियानवी का यह शेर चौखुटिया ब्लॉक के चौकोड़ी गांव की महिलाओं पर एकदम सटीक बैठती है। पारंपरिक खेती में जब घाटा होने लगा तो इन्होंने कुछ अलग करने की सोची। इसके बाद यहां की कुछ महिलाओं ने योग सीखा बाद में सबको ट्रेनिंग देने लगीं। कुछ ने स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से चप्पलें बनाने का काम शुरू किया। कुछ ने बिच्छू की घास से पैसे कमाने शुरू किए। बिच्छू की घास नाम से आप चौंक गए होंगे। कई लोगों को यह अजीब लग रहा…
Reverse Migration (रिवर्स पलायन) खाली हो रहे उत्तराखंड (Uttarakhand) की सबसे बड़ी जरूरत है। पहाड़ छोड़कर जाने वाले अक्सर ये दलील देते हैं कि काफी समय हो गया है, अब वापस लौटना मुश्किल है, क्योंकि, रहन-सहन का तरीका बदल चुका है। पहाड़ों पर वो सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी जो हमें शहरों में मिलती हैं। लेकिन कुछ अपवाद भी हैं,ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास सारे संसाधन हैं बावजूद इसके वे पहाड़ों पर लौटे। साथ ही मिसाल भी कायम की। इनमें से ही हैं बीएल मधवाल और उनकी पत्नी अनीता मधवाल। बेटा-बहू एयरफोर्स में विंग कमांडर। बेटी डेंटिस्ट, दामाद माइक्रोसॉफ्ट में…





















