उत्तराखंड में जब भी खेलों की बात होती है तो एक जिले का नाम हमेशा लिया जाता है और वह जिला है पिथौरागढ़। यहां जब खेलों की बात होती है तो यहां के बॉक्सिंग और फुटबॉल का कोई सानी नहीं है कोई मैच ही नहीं है। उसके पीछे वजह यह है कि यहां से टैलेंट लगातार बाहर आता रहता है। ‘तीरंदाज’ की टीम ऐसे ही टैलेंट से मुलाकात करने जा पहुंची। हमें यह समझना था कि ऐसा क्या है पिथौरागढ़ में जो यहां से इतने सारे नेशनल और इंटरनेशनल बॉक्सर्स निकलते हैं। यह सिलसिला हरि थापा से शुरू होता है…
Author: teerandaj
उत्तराखंड… प्रकृति के रंग में रचे-बसे लोक उत्सवों की धरती… जिसके हर हिस्से में अपनी लोक गाथाओं, मान्यताओं, मेलों, उत्सवों के अनोखे-अनूठे किस्से हैं। हर किस्सा एक-दूसरे से बिल्कुल अलग, बिल्कुल जुदा। ऐसा ही एक अनोखा लोक उत्सव है हिल-जात्रा…। मुखौटा शैली के उत्सवों में सबसे अलग है सीमांत जिले पिथौरागढ़ की हिल जात्रा। हर किरदार जीवंत, हर किरदार दिलचस्प और उतनी ही रोमांचित कर देने वाली है… हिल-जात्रा की किस्सागोई। रोमांच से भरे इस सिलसिले का अतीत नेपाल से तिब्बत तक ले जाता है। ये 600 से 700 साल पुरानी विरासत है, जो दो देशों के साझा अतीत को जितना जोड़ती है उतनी ही…
नरेंद्र सिंह नेगी… उत्तराखंडी गीत-संगीत, काव्य जगत का एक ऐसा नाम जिनके बारे में जितना कहा जाए, सुना जाए कम ही लगता है। ऐसे में teerandaj.com ने उनकी जिंदगी के तमाम पहलुओं को उनकी पत्नी ऊषा नेगी जी की नजर से देखने की कोशिश की। एक खास शो ‘मेरे हिस्से के किस्से’ की पहली मेहमान ऊषा जी रहीं और उन्होंने जिंदगी के तमाम पहलुओं पर बात की, नेगी जी के जन्मदिन पर प्रसारित इस शो के कुछ अंश यहां पेश हैंः इतने कम समय में कितने किस्से मैं बता पाऊंगी लेकिन किस्से बहुत हैं, सुनाने के लिए। नरेंद्र सिंह नेगी…
चीन में उत्तराखंड के साथ ही पूरे भारत की संस्कृति के संदेश वाहक अगर कोई हैं तो वो हैं देव रतूड़ी (Dev Raturi)। यह बात 1993 की है। टिहरी के घनसाली ब्लॉक केमरिया सौड़ गांव से बहुत सारे सपने लेकर युवा देव रतूड़ी अपने घर से निकले। पहले दिल्ली फिर मुंबई, दोबारा दिल्ली और उसके बाद वो पहुंच गए चीन। चीन में दो दशक का सफर तय करने के बाद Dev Raturi आज चीन में इंटरप्रेन्योर है। उनकी चीन में काफी सारे होटल्स की चैन हैं। इतना ही नहीं उन्होंने काफी सारी चीनी फिल्मों में भी काम किया है। 46…
आपने अपनी जिंदगी में कितने साल पुराना देखा होगा। कुछ लोग कहेंगे कि हमने 50 साल 100 साल 200 साल ज्यादा से ज्यादा 2800 साल पुराना पेड़ देखा है। teerandaj.com की टीम मलारी से आपके लिए कुछ खास लाई है। यह एक खूबसूरत पेड़ है, इसे ‘देव वृक्ष’ भी कहते हैं। यकीन मानिये जब हम आपको इस पेड़ की उम्र के बारे में बताएंगे तो आप चौंक जाएंगे। यह बात ऐसी नहीं है कि किसी ने कह दिया और हमने मान ली। इस पेड़ की उम्र डेंड्रियाक्रॉनोलॉजी से निकाली गई है। इस पेड़ की उम्र 1200 साल से ज्यादा है।…







