दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस वे लगभग तैयार है और इसके शुरू होने की घोषणा से पहले ही जमीनी हकीकत ने सिस्टम की पोल खोल दी है। वीकेंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किए गए ट्रायल के दौरान आशारोड़ी क्षेत्र में जाम लग गया। जिससे साफ हो गया कि एक्सप्रेस वे भले ही तैयार हो लेकिन उसे संभालने की तैयारी अधूरी है। ट्रायल के दौरान जैसे ही एक्सप्रेस वे से वाहनों को देहरादून शहर की ओर उतारा गया आशारोड़ी पर ट्रैफिक रेंगता नजर आया। यही नहीं, विकासनगर, मसूरी और ऋषिकेश जाने वाले मार्गों के लिए कोई ठोस ट्रैफिक प्लान अब तक जमीन पर उतरता नहीं दिखा। नतीजतन एक्सप्रेस वे का लाभ शहर के प्रवेश द्वार पर ही जाम में तब्दील होता दिखा। यातायात पुलिस के सामने चुनौती इसलिए भी बड़ी है क्योंकि एक्सप्रेस वे शुरू होते ही देहरादून आने वाले वाहनों की संख्या मौजूदा दबाव से दोगुनी से अधिक हो जाएगी। शहर की सड़कें पहले से ही क्षमता से ज्यादा बोझ झेल रही हैं। ट्रायल के दौरान आशारोड़ी में जाम लगना आने वाले बड़े ट्रैफिक संकट का ट्रेलर माना जा रहा है।
चारधाम यात्रा से पहले बढ़ी चिंता
अप्रैल माह से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। इसी अवधि में यदि एक्सप्रेस-वे पूरी तरह चालू हो गया तो उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा। दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से भारी संख्या में वाहन देहरादून पहुंचेंगे। यदि आशारोड़ी से आगे के रूटों में सुधार नहीं किया गया तो हालात काबू से बाहर हो सकते हैं।

अगर नहीं किया गया इंतजाम तो ऐसे होंगे हालात
- हर वीकेंड देहरादून, मसूरी और धनोल्टी की ओर बेतहाशा ट्रैफिक बढ़ सकता है
- यमुनोत्री जाने वाले वाहनों का सबसे ज्यादा दबाव सेलाकुई, सहसपुर, विकासनगर और डाकपत्थर क्षेत्र में पड़ेगा
- शहर के भीतर पार्किंग संकट और विकराल हो सकता है
- मसूरी और चकराता जैसे हिल स्टेशनों की धारण क्षमता जवाब देने लगेगी
प्रस्ताव कागजों में, समाधान जमीन पर नहीं
यातायात पुलिस ने संभावित ट्रैफिक विस्फोट को देखते हुए शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अब तक इन पर अमल होता नजर नहीं आ रहा। मसूरी के लिए किमाड़ी रोड के चौड़ीकरण, शटल सेवा, आईएसबीटी से मोहकमपुर तक एलिवेटेड रोड और विकासनगर–बड़कोट मार्ग के चौड़ीकरण जैसे सुझाव फाइलों में ही अटके हुए हैं। यातायात पुलिस अधीक्षक लोकजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद शहर में जाम की समस्या गंभीर हो सकती है। ट्रायल के दौरान आशारोड़ी में जाम लगना चेतावनी है। यदि समय रहते ठोस फैसले नहीं लिए गए, तो एक्सप्रेस-वे राहत नहीं बल्कि नई मुसीबत बन सकता है।








