महाराष्ट्र की सियासत के कद्दावर और दादा के नाम से लोकप्रिय नेता, उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा लैंडिंग के दौरान तकनीकी फेलियर के कारण हुआ। बताया जा रहा है कि अजित पवार बारामती में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने जा रहे थे। सुबह करीब 7 बजे मुंबई से चार्टर विमान बॉम्बार्डियर लीयरजेट 45XR (रजिस्ट्रेशन: VT-SSK) के जरिये उड़ान भरी थी। सुबह 8:40 बजे विमान ने बारामती हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और पायलट ने एटीसी से लैंडिंग की अनुमति मांगी। सब कुछ सामान्य लग रहा था लेकिन जैसे ही सुबह 8:45 बजे विमान के पहियों ने रनवे को छुआ अचानक विमान अनियंत्रित हो गया। चश्मदीदों के मुताबिक, विमान रनवे पर डगमगाया और फिर तेज रफ्तार में घिसटते हुए पास के खुले क्षेत्र में जा गिरा। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान के दो टुकड़े हो गए और फ्यूल टैंक फटने से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग ने 15 मिनट के भीतर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। अजित पवार के पार्थिव शरीर की पहचान उनके पहनावे और पास मिले दस्तावेजों से की गई। उनके निधन की खबर फैलते ही बारामती के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र में सन्नाटा पसर गया है।
मृतकों की सूची
- अजित पवार (उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)
- संदीप गजानन (निजी सुरक्षा अधिकारी)
- राकेश कुमार (अटेंडेंट)
- कैप्टन अमोल सावंत (मुख्य पायलट)
- को-पायलट सुमित सिंह

राजनीतिक गलियारों में मातम: पीएम ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अजित दादा एक कर्मठ नेता थे, जिनका विजन महाराष्ट्र के विकास के लिए स्पष्ट था। उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बारामती पहुंच चुके हैं। उन्होंने राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। शरद पवार, सुप्रिया सुले और पवार परिवार के अन्य सदस्य भी बारामती पहुंच चुके हैं।
जांच के घेरे में विमान कंपनी
हादसे के बाद विमान कंपनी के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। यह विमान 2010 मॉडल का था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक विशेष टीम गठित की है जो ब्लैक बॉक्स की जांच करेगी। प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक, रनवे पर टायर बर्स्ट या लैंडिंग गियर में खराबी इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। नागपुर से कांग्रेस नेता नितीन राऊत ने इस मामले में उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि वीआईपी विमानों के रखरखाव में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
छह बार डिप्टी सीएम बनने तक का सफर
महाराष्ट्र की राजनीति के पावरहाउस कहे जाने वाले अजित पवार न केवल एक कद्दावर नेता थे बल्कि महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले एकमात्र राजनेता भी रहे। उन्होंने 20 वर्ष की आयु में राजनीति में कदम रखा था। अजित पवार के नाम 13 वर्षों में 6 बार उपमुख्यमंत्री बनने का एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ पाना नामुमकिन लगता है।

कब-कब बने उपमुख्यमंत्री
- पहली बार: 2010-2012 (पृथ्वीराज चव्हाण सरकार)
- दूसरी बार: 2012-2014 (पृथ्वीराज चव्हाण सरकार)
- तीसरी बार: 23 नवंबर 2019 (देवेंद्र फडणवीस के साथ वह ऐतिहासिक 80 घंटे की सरकार)
- चौथी बार: 2019-2022 (महाविकास अघाड़ी सरकार, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में)
- पांचवीं बार: 2 जुलाई 2023 से दिसंबर 2024 (एकनाथ शिंदे सरकार)
- छठी बार: 5 दिसंबर 2024 से 28 जनवरी 2026 (मौजूदा देवेंद्र फडणवीस सरकार)
अहमदनगर से बारामती तक
22 जुलाई 1959 को अहमदनगर में जन्मे अजित अनंतराव पवार, एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के पुत्र थे। भले ही उनकी शिक्षा माध्यमिक स्तर तक रही लेकिन संगठन और प्रशासन पर उनकी पकड़ पीएचडी धारकों से भी अधिक मजबूत मानी जाती थी।








