प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगाह किया है कि दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल का संकट गहराता जा रहा है, क्योंकि जारी संघर्षों के कारण प्रमुख ऊर्जा क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। अपने मासिक रेडियो संवाद Mann Ki Baat में पीएम मोदी ने कहा, मार्च का ये महीना, वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है। हम सबको याद है कि पूरा विश्व भूतकाल में कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजरा था। हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी। लेकिन, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियां बनती चली गईं। वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है। हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देशों का बहुत आभारी हूं, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है। इसकी वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है। हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में देश का जो सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है।
उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर यह चुनौतीपूर्ण समय है। मैं आज Mann Ki Baat के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं। मैं सभी देशवासियों से अपील भी करूंगा कि वो जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में ना आएं। सरकार की तरफ से जो आपको निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। मुझे हर बार की तरह इस बार भी विश्वास है कि जैसे हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे।
देश के कोने-कोने में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ जिस तरह लोग उठा रहे हैं, वह बहुत उत्साहित करने वाला है। गुजरात और उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान और त्रिपुरा तक के उदाहरण बताते हैं कि इससे आय बढ़ने के साथ ही लोगों का जीवन और आसान बन रहा है।#MannKiBaat pic.twitter.com/zITxQLQH6e
— Narendra Modi (@narendramodi) March 29, 2026
पीएम मोदी ने सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए कहा, आज आप देश के किसी छोटे-बड़े शहर में जाएंगे तो एक बदलाव आप जरूर notice करेंगे। आपको बड़ी संख्या में घरों की छत पर solar panel लगे हुए दिखाई देंगे। कुछ साल पहले तक ये इक्का-दुक्का घरों पर ही दिखता था। लेकिन आज ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ का प्रभाव देश के कोने-कोने में दिखने लगा है। इस योजना की वजह से, गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले की पायल मुंजपारा के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने सूर्य पहल के माध्यम से solar power technology की training ली और 4 महीने का Solar PV technician का course पूरा किया। अब वो एक कुशल solar technician बन गई हैं। पायल एक सोलर उद्यमी के तौर पर अपनी पहचान बना रही हैं। वो आस-पास के जिलों में solar rooftop installation का काम करती हैं और इससे उन्हें हर महीने हजारों रुपये की आय होती है। मेरठ के अरुण कुमार भी अब अपने इलाके में ऊर्जा दाता बन गए हैं। हाल ही में, दिल्ली में हुए कार्यक्रम में अरुण कुमार ने हिस्सा लिया था और अपने अनुभव साझा किये थे। उन्होंने बताया था कि वो न केवल बिजली बिल की बचत कर रहे हैं, बल्कि अपनी अतिरिक्त बिजली बेच भी रहे हैं। जयपुर के मुरलीधर जी की सफलता भी कुछ ऐसी ही है। पहले उनकी खेती डीजल पंप पर निर्भर थी, जिसमें हर साल हजारों रुपए खर्च होते थे। जब उन्होंने solar pump अपनाया, तो उनकी खेती का तरीका ही बदल गया। अब उन्हें ईंधन की चिंता नहीं रहती, सिंचाई समय पर होती है, और उनकी सालाना आय भी बढ़ गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि अब उनका परिवार साफ ऊर्जा के साथ, बेहतर जीवन जी रहा है।
‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ का फायदा North East के इलाकों में भी मिल रहा है। त्रिपुरा में रियांग जनजाति के कई गांव ऐसे थे, जहां बिजली की समस्या थी। अब solar mini-grid के माध्यम से वहां के घरों में रोशनी रहती है। वहां बच्चे अब शाम के बाद भी पढ़ पा रहे हैं। लोग mobile charge कर पा रहे हैं और गाँव का सामाजिक जीवन भी बदल गया है। देश में solar ऊर्जा क्रांति के ऐसे न जाने कितने उदाहरण हैं। आप भी इस क्रांति से जुड़िए और दूसरों को भी जोड़िए।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत की ताकत यहां के कोटि–कोटि लोगों में निहित है। आज ‘मन की बात’ में एक ऐसे प्रयास के बारे में बताना चाहता हूं, जो देशवासियों की जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है। ये प्रयास है – ज्ञान भारतम सर्वे, जिसका संबंध हमारी महान संस्कृति और समृद्ध विरासत से है। इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद Manuscripts यानि पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है। इस सर्वे से जुड़ने का एक माध्यम, ज्ञान भारतम ऐप है। आपके पास अगर कोई Manuscript है, पांडुलिपि है, या उसके बारे में जानकारी है, तो उसकी फोटो ‘ज्ञान भारतम ऐप’ पर जरूर साझा करें। हर entry से जुड़ी जानकारी को दर्ज करने से पहले उसकी पुष्टि भी की जा रही है। मुझे इस बात की खुशी है कि अब तक हजारों Manuscripts पांडुलिपि लोगों ने शेयर की हैं। उदाहरण के तौर पर अरुणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग जी ने ताई लिपि में पांडुलिपियां साझा की हैं। अमृतसर के भाई अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपि शेयर की हैं। यह हमारी महान सिख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी लिपि है। कुछ संस्थाओं ने palm leaf यानि ताड़ के पत्तों पर लिखी Manuscripts दी हैं। राजस्थान के अभय जैन ग्रंथालय ने copper plates पर लिखी बहुत पुरानी पांडुलिपियां share की हैं। वहीं, लद्दाख की Hamis Monastery ने तिब्बती में बहुमूल्य पांडुलिपियों के बारे में जानकारी दी है।










