नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक-2024 में Uttarakhand ने छोटे राज्यों की श्रेणी में पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। उत्तराखंड ने हिमाचल, जम्मू-कश्मीर व नागालैंड जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए सभी लोगों को बधाई दी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नीति आयोग के इस सूचकांक में उत्तराखंड का प्रथम स्थान राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह हमारी निर्यात नीति, लॉजिस्टिक्स सुधार और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। हम हर जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ले जाना चाहते हैं जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिले और अर्थव्यवस्था मजबूत बने। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें।
कई जिलों में निर्यात प्रोत्साहन केंद्र
बतादें कि प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में निर्यात को गति देने के लिए विशेष नीति लागू की है। इस नीति में निर्यातकों को सब्सिडी, वित्तीय सहायता और अवस्थापना विकास के प्रावधान हैं। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में निर्यात प्रोत्साहन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, लॉजिस्टिक नीति से ट्रांसपोर्ट लागत घटी है, जिसका सीधा असर वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर पड़ा है। नीति आयोग के सूचकांक में 5 प्रमुख पैरामीटर हैं। इसमें निर्यात प्रदर्शन, नीतिगत ढांचा, व्यवसाय सुगमता, अवस्थापना और वित्तीय सहायता शामिल हैं। इन सभी पैरामीटर पर उत्तराखंड खरा उतरा है।
निर्यात में 4 गुना उछाल
उत्तराखंड का निर्यात ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। वर्ष 2011-12 में मात्र 3530 करोड़ रुपये का निर्यात था, जो 2023-24 में बढ़कर 14928 करोड़ रुपये हो गया। यानी 13 वर्षों में चार गुना वृद्धि! राज्य से सालाना कारोबार अब 15 हजार करोड़ पार कर गया है। नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात आर्थिक विकास का इंजन है। इससे विदेशी मुद्रा कमाई बढ़ती है, वैश्विक सप्लाई चेन में जगह बनती है और व्यापार घाटा कम होता है। उत्तराखंड का यह प्रदर्शन निवेशकों को आकर्षित करेगा, जिससे नए उद्योग लगेंगे।

उत्तराखंड के स्टार निर्यात उत्पाद
राज्य के निर्यात में मोती, कीमती पत्थर और धातुएं सबसे आगे हैं। जिनकी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है। इसके बाद रासायनिक उत्पाद, कृषि-बागवानी आधारित खाद्य सामग्री (जैसे चाय, फल-सब्जियां), हर्बल उत्पाद, प्लास्टिक-रबड़ और मशीनरी उपकरण शामिल है। हरिद्वार के फार्मा हब से दवाइयां, ऊधमसिंह नगर से हर्बल प्रोडक्ट्स और नैनीताल से जेम्स एक्सपोर्ट हो रहा है। सरकार अब हिली क्षेत्रों के हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पादों को लक्षित कर रही है।
क्या होगी भविष्य की रणनीति
धामी सरकार अब प्रत्येक जिले में निर्यात प्रोत्साहन इकाई बनाएगी। ऑनलाइन पोर्टल से निर्यातक रजिस्ट्रेशन आसान होगा। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से छोटे उत्पादकों को जोड़ा जाएगा। पर्यावरण अनुकूल निर्यात पर जोर दिया जाएगा ताकि पहाड़ी पारिस्थितिकी बनी रहे।
उत्तराखंड ने इन राज्यों को छोड़ा पीछे
जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, दादर एवं नागर हवेली, दमन और दीव, गोवा, त्रिपुरा, आसाम, पुंडूचेरी, चंडीगड़, मेघालय, लद्दाख, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, सिक्कम, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान व निकोबार, मिजोरम, मणिपुर व लक्षद्वीप।








