सोमवार सुबह पौड़ी हाईवे के कोटद्वार में NH-534 पर वाहनों की आवाजाही सामान्य थी। सिद्धबली मंदिर और लालपुल के बीच अचानक सड़क पर हाथियों का झुंड पहुंचा तो वाहन चालकों को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। जिसने जहां जगह मिली, वहीं वाहन रोक दिया। देखते ही देखते हाईवे पर सन्नाटा और अफरातफरी का माहौल बन गया। इसके बाद एक हाथी वाहनों की ओर बढ़ा और लोगों को जान बचाकर भागना पड़ा। बताया जा रहा है कि हाथियों के झुंड ने शिक्षकों से भरे एक टेंपो ट्रैवलर पर हमला कर दिया। वाहन में सवार शिक्षक स्कूल जा रहे थे। हाथियों के अचानक हमले के बाद शिक्षकों ने किसी तरह वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
घटना सुबह करीब 7:45 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी अचानक हाईवे पर आ गए और सड़क पर खड़े वाहनों के पीछे दौड़ने लगे। इस दौरान तीन वाहनों को नुकसान पहुंचा। हाथियों को इतने करीब देखकर राहगीरों और वाहन चालकों में दहशत फैल गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, जबकि हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की कतार लगती चली गई।
हाईवे पर थम गए पहाड़ की ओर जाने वाले वाहन
हाथियों के सड़क पर डटे रहने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। कोटद्वार से पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूल-कॉलेजों में जाने वाले शिक्षक और अन्य लोग भी जाम में फंस गए। कई वाहन चालकों ने हाथियों के हटने का इंतजार किया। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी और हाथियों को सड़क से हटाकर जंगल की ओर भेजने की कोशिश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया। बताया गया कि हाथी घटनास्थल के आसपास ही मौजूद रहे और दोबारा हाईवे की ओर आने का प्रयास कर रहे थे। इसे देखते हुए वनकर्मी मौके पर डटे रहे।
कैमरों में कैद हुआ गजराज का हाईवे पर कब्जा
घटना के दौरान लोगों ने हाथियों का वीडियो भी बनाया। वीडियो में हाईवे पर हाथियों का झुंड और दोनों ओर खड़े वाहनों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। व्यस्त हाईवे पर हाथियों के इस तरह पहुंचने से एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा सामने आया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और हाईवे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।











